सच्ची सहेली ने ‘अब पता चल जाने दो’ अभियान की शुरूआत, 26 जनवरी से 5 फरवरी तक
5 फरवरी को ‘हैप्पी पीरियड्स डे’ के तौर पर मनाया जाएगा

पीरियड्स (Menstruation period) को लेकर दिल्ली की एक एनजीओ सच्ची सहेली ने ‘अब पता चल जाने दो’ अभियान की शुरूआत 26 जनवरी को की, ये अभियान 5 फरवरी तक चलाया जाएगा और 5 फरवरी को ‘हैप्पी पीरियड्स डे’ के तौर पर मनाया जाएगा।
इस अभियान के जरिए पीरियड्स और उससे जुड़ी रूढ़िवादी सोच के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर सच्ची सहेली एनजीओ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ये सन्देश पहुंचाने की कोशिश कर रह है की पीरियडस के बारे में अब छुपाओ नहीं बल्कि सबको पता चलने दो। पिछले साल की तरह सच्ची सहेली इस साल भी #‘रेड स्पॉट’ और #‘अब पता चलने दो’ कैंपेन चला रही है। इस कैंपेन से जुड़ने वाले लोग अपने हाथ की मुट्ठी बांधकर पिछले हिस्से पर लाल रंग का गोल निशान लगाकर मैसेज दे रहे हैं की माहवारी कोई अभिशाप नहीं बल्कि ये तो ताकत है।

पीरियड्स पर सेशन
डॉ सुरभि सिंह बताती हैं कि “एक बार जब हम पीरियड्स पर सेशन ले रहे थे तो उसी वक़्त एक लड़की ने ज़ोर-ज़ोर से रोना शुरू कर दिया। मुझे समझ नहीं आया कि आखिर उसे क्या हुआ है। वो बहुत देर तक मेरे कंधे पर सिर रखकर रोती रही और जब वो संभली तो उसने कहा कि मैम आज पहली बार एहसास हुआ कि लड़की होना अच्छा भी हो सकता है, आज तक तो लड़की होना गाली ही लगता था। उस दिन मुझे एहसास हुआ कि पीरियड्स पर सही जानकारी और जागरूकता कितनी ज़रूरी है- डॉ सुरभि सिंह, फाउंडर, सच्ची सहेली”

दिलचस्प बात ये है कि इस अभियान में सिर्फ़ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरूष और बच्चे भी हिस्सा ले रहे हैं। आप भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पीरियड्स से जुडी शर्म और झिझक को तोड़ने के लिए अपनी-अपनी रेड स्पॉट फोटो को हैशटैग #abpatachalnedo के साथ डाल सकते हैंI

सच्ची सहेली पिछले 6 सालों से पीरियड्स पर जागरूकता फैला रही
सच्ची सहेली पिछले 6 सालों से पीरियड्स पर स्कूलों, कॉलेजों और अन्य स्थानों पर वर्कशॉप के जरिये से जागरूकता फैला रही है और इस ख़ास मौक़े को festival की तरह मनाती है। पिछले साल भी सच्ची सहेली ने Red spot campaign और Happy periods day के रूप में इस दिन को मनाया था और इस साल इस दिन को मनाए के लिए एक ख़ास थीम भी रखी गयी है जिसका नाम है “अब पता चलने दो” इस थीम के अंतर्गत कई सारी activities रखी गयीं हैं लेकिन कोरोना के हालातों को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर activities ऐसी हैं जिन्हें घर पर रहकर ही लोगों के साथ किया जा रहा या फिर Online प्लेटफॉर्म पर फोटो, वीडियो और मैसेज के जरिये कैंपेन से साथ लोगों को जोड़ा जा रहा है।



