सोना-चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, निवेशकों में बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग
MCX पर सोना ₹1,45,500 और चांदी ₹3,01,315 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची ट्रंप के टैरिफ बयान से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में तेज उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

Gold price: सोने और चांदी की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। सोमवार को वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में करीब ₹3,000 यानी 2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं, चांदी में और भी मजबूत तेजी देखने को मिली। MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में करीब ₹13,550 यानी लगभग 5% की छलांग लगी और यह ₹3,01,315 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
भू-राजनीतिक तनाव से चमकी कीमती धातुएं
वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी और यूरोपीय देशों पर शुल्क बढ़ाने के संकेत से वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका गहराई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसी अनिश्चित माहौल के चलते निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया है।
महानगरों में सोने के ताजा हाजिर भाव (goodreturns के मुताबिक)
दिल्ली: 24 कैरेट: ₹14,584 प्रति ग्राम, 22 कैरेट: ₹13,370 प्रति ग्राम, 18 कैरेट: ₹10,942 प्रति ग्राम, मुंबई: 24 कैरेट: ₹14,569 प्रति ग्राम, 22 कैरेट: ₹13,355 प्रति ग्राम, 18 कैरेट: ₹10,927 प्रति ग्राम, कोलकाता: 24 कैरेट: ₹14,569 प्रति ग्राम, 22 कैरेट: ₹13,355 प्रति ग्राम, 18 कैरेट: ₹10,927 प्रति ग्राम, चेन्नई: 24 कैरेट: ₹14,673 प्रति ग्राम, 22 कैरेट: ₹13,450 प्रति ग्राम, 18 कैरेट: ₹11,230 प्रति ग्राम, बेंगलुरु, 24 कैरेट: ₹14,569 प्रति ग्राम, 22 कैरेट: ₹13,355 प्रति ग्राम, 18 कैरेट: ₹10,927 प्रति ग्राम।
ग्लोबल मार्केट में भी तेजी का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में सोमवार को 1% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। सोना $4,660 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच गया। इसकी प्रमुख वजह अमेरिका द्वारा यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा मानी जा रही है, जिससे वैश्विक निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिम वाली संपत्तियों से निकलकर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं।



