महाराष्ट्र में बढ़ती तकरार: कैबिनेट बैठक में शिवसेना मंत्री गायब, राजनीतिक तापमान चढ़ा
गैरहाज़िर मंत्रियों से बढ़ी महायुति में खटपट फडणवीस–शिंदे गुट के बीच तकरार खुलकर सामने स्थानीय चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक बेचैनी

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज़ है। आज हुई कैबिनेट बैठक में शिवसेना गुट के मंत्री गैरहाज़िर रहे, जबकि पिछले कुछ दिनों से शिवसेना और बीजेपी के बीच लगातार खटपट की चर्चा है।
कौन पहुँचा बैठक में?
तनाव के बीच हुई इस बैठक में सिर्फ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और संजय शिरसाठ मौजूद रहे। शिवसेना के मंत्री मंत्रालय तो आए, लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक, बैठक खत्म होने के बाद सभी शिवसेना मंत्री मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के लिए पहुँचे।
सीएम फडणवीस का सख्त जवाब
जब नाराज़गी की वजह पूछी गई तो मुख्यमंत्री बोले, “सभी शिवसेना मंत्री नहीं, कुछ मौजूद थे। बाद में उन्होंने मुलाकात भी की। डोंबिवली में हुए प्रवेश को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई।” इस पर फडणवीस का संदेश साफ था, “उल्हासनगर में शुरुआत आपने की। आप करेंगे तो ठीक और बीजेपी करेगी तो गलत—ये नहीं चलेगा। अब से किसी भी पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रवेश न दिया जाए, और ये नियम दोनों पर लागू होगा।”
नाराज़गी की वजह क्या है?
माना जा रहा है कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, सीट बंटवारा और ज़मीनी राजनीति की खींचतान की वजह से शिवसेना के मंत्री असंतुष्ट हैं। बीजेपी और शिवसेना के बीच बढ़ती दूरी महायुति के लिए परेशानी का संकेत मानी जा रही है।
गठबंधन पर सवाल क्यों?
महायुति (बीजेपी + शिंदे शिवसेना + अजित पवार एनसीपी) में दरार की चर्चा इसलिए तेज़ है क्योंकि कैबिनेट में शिंदे गुट का कोई मंत्री नहीं दिखा। स्थानीय चुनाव नज़दीक हैं और सीट बंटवारे पर मतभेद गहराते दिख रहे हैं। शिंदे गुट हमेशा से अपने वर्चस्व को आक्रामक रुख रखता है। अब सबकी नज़र इस पर है कि, मतभेद मिटेंगे या गठबंधन में और दरार पड़ेगी?



