बाबा बागेश्वर की 10 दिनी पदयात्रा शुरू, बोले- “हिंदू एकता और सनातन संस्कृति के लिए निकला हूं”
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली से वृंदावन तक 145 किमी की 10 दिनी पदयात्रा शुरू की, जिसमें उन्होंने सात संकल्पों के साथ हिंदू एकता, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के उत्थान का संदेश दिया

नई दिल्ली: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार से अपनी 10 दिन की महापदयात्रा की शुरुआत कर दी है। यह यात्रा 7 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगी। कुल 145 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में वे दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से होकर वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचेंगे।
बाबा बागेश्वर का कहना है कि उनकी यह यात्रा हिंदू एकता, सामाजिक समरसता और देशभक्ति का संदेश देने के लिए निकाली गई है। उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत हर दिन राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा से की जाएगी।
बाबा बागेश्वर के सात संकल्प
अपनी पदयात्रा के दौरान बाबा बागेश्वर ने लोगों से सात संकल्पों को अपनाने की अपील की है—
1. यमुना की शुद्धि: सरकारें यमुना मैया को पवित्र करें ताकि उनका जल निर्मल बहे।
2. ब्रज धाम की सुरक्षा: ब्रज की रज, मंदिर और धाम अपने पूर्व स्वरूप में सुरक्षित रहें।
3. सामाजिक समरसता: समाज में समानता और एकता बनी रहे।
4. भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना।
5. विचारों की क्रांति: तलवारों से नहीं, विचारों से परिवर्तन लाना।
6. लव जिहाद पर रोक।
7. गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा और गो अभ्यारण्य की स्थापना।
50 हजार श्रद्धालु होंगे शामिल
बाबा बागेश्वर ने बताया कि अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु पदयात्रा के लिए रजिस्टर हो चुके हैं और कुल 50 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। हर दिन यात्रा राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा से शुरू होगी। उन्होंने कहा,
“हम मुसलमानों के खिलाफ नहीं, हिंदुओं के समर्थन में पदयात्रा कर रहे हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य हिंदू एकता और सनातन संस्कृति का उत्थान है।”



