डेली डेटा लिमिट पर सवाल: Raghav Chadha ने उठाई डेटा रोलओवर की मांग
डेटा खत्म नहीं, सेव होना चाहिए संसद में उठी आवाज यूजर्स के पैसे का पूरा हक दिलाने की मांग तेज डिजिटल इंडिया के लिए डेटा रोलओवर जरूरी बताया

राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने संसद में मोबाइल डेटा से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा उठाया है, जो सीधे हर आम यूज़र की जेब से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि जब लोग पूरे डेटा के लिए पैसे देते हैं, तो बचा हुआ डेटा आधी रात को अपने आप खत्म क्यों हो जाता है।
क्या है पूरा मामला?
आजकल ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियां 1.5GB, 2GB या 3GB प्रतिदिन वाले प्लान देती हैं। लेकिन समस्या ये है कि अगर आप अपने पूरे डेटा का इस्तेमाल नहीं कर पाते, तो बचा हुआ डेटा अगले दिन के लिए सेव नहीं होता। मान लीजिए आपने 2GB का प्लान लिया, लेकिन दिनभर में सिर्फ 1.5GB ही इस्तेमाल किया। बचा हुआ 0.5GB रात 12 बजे के बाद अपने आप खत्म हो जाता है। न कोई रिफंड, न कोई कैरी-फॉरवर्ड — यानी जो आपका था, वो भी चला गया।
संसद में उठी ये मांग
Raghav Chadha का कहना है कि ये सिस्टम यूज़र्स के साथ न्याय नहीं करता। उन्होंने मांग रखी कि जिस डेटा के लिए यूज़र पैसे दे रहा है, उस पर उसका पूरा हक होना चाहिए।
क्या चाहते हैं राघव चड्ढा?
1. डेटा रोलओवर की सुविधा, यूज़र्स का बचा हुआ डेटा अगले दिन में जुड़ना चाहिए, ना कि हर दिन खत्म हो जाना चाहिए। 2. कम इस्तेमाल पर बिल में राहत। अगर कोई यूज़र बार-बार पूरा डेटा इस्तेमाल नहीं करता, तो अगले रिचार्ज में उसे डिस्काउंट या एडजस्टमेंट मिलना चाहिए। 3. डेटा ट्रांसफर का ऑप्शन, बचा हुआ डेटा यूज़र की डिजिटल प्रॉपर्टी माना जाए, जिसे वो अपने दोस्तों या परिवार को ट्रांसफर कर सके।
डिजिटल इंडिया पर असर
Raghav Chadha ने साफ कहा कि अगर डेटा ऐसे ही हर दिन “गायब” होता रहेगा, तो मजबूत डिजिटल इंडिया बनाना मुश्किल होगा। जब यूज़र पैसे दे रहा है, तो उसे उसका पूरा फायदा मिलना चाहिए।
सीधी बात:
डेटा आपका है, तो उस पर हक भी आपका होना चाहिए खत्म होने का नहीं, इस्तेमाल होने का।



