जयशंकर बोलेप्रतिभा रोकने वाले देश खुद होंगे नुकसान में

भारत ने दिया स्पष्ट संदेश—प्रतिभा की मोबिलिटी रोकनी नहीं, बढ़ानी चाहिए। जयशंकर बोले—एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के दौर में टैलेंट ही सबसे बड़ी जरूरत। रेमिटेंस, रोजगार और ग्लोबल कनेक्टिविटी, भारत के लिए मोबिलिटी बनी अहम ताकत।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा है कि जो भी देश सीमा पार प्रोफेशनल्स की आवाजाही पर बाधाएं लगा रहे हैं, उन्हें लंबे समय में इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया को यह समझाना होगा कि टैलेंट की मोबिलिटी दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होती है। मोबिलिटी पर आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चेताया, “अगर आप टैलेंट के मूवमेंट में बहुत ज्यादा रुकावटें डालेंगे, तो नुकसान आपका ही होगा। खासकर जब दुनिया एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के दौर में जा रही है, जहां ज्यादा स्किल्ड लोगों की जरूरत पड़ती है।” उनका यह बयान ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी और एच-1बी वीजा पर बढ़ाई गई भारी फीस के बीच आया है।

 

“सीमा पार टैलेंट का इस्तेमाल—दोनों के लिए फायदेमंद”

किसी देश का नाम लिए बिना जयशंकर ने कहा कि भारत को यह लगातार बताना होगा कि टैलेंट शेयरिंग से सबको फायदा होता है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और टेक सेक्टर से जुड़े लोग हमेशा मोबिलिटी के समर्थन में रहते हैं, जबकि राजनीतिक दबाव में चलने वाले कुछ समूह इसका विरोध करते हैं। लेकिन अंत में सभी को किसी न किसी समझौते पर आना ही पड़ता है। जयशंकर ने यह भी बताया कि कुछ देशों में टैलेंट मोबिलिटी का विरोध इस वजह से भी बढ़ रहा है क्योंकि कई कंपनियां चीन से अपने मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बाहर शिफ्ट कर रही हैं।

 

एच-1बी में भारतीयों का दबदबा

यूएससीआईएस के आंकड़ों के अनुसार, स्वीकृत एच-1बी वीजा आवेदनों में 71% भारतीय होते हैं। जयशंकर बोले: “अगर विकसित देशों में नौकरी को लेकर दबाव है, तो इसकी वजह बाहर से लोग आना नहीं है, बल्कि इन देशों ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग बाहर जाने दी, और आप जानते हैं, कहां।” उन्होंने चेताया “अगर लोगों का आना-जाना मुश्किल होगा, तो काम वहीं नहीं रुकेगा। काम बाहर चला जाएगा।”

 

काम, मोबिलिटी और रेमिटेंस—भारत के लिए बड़ी बात

जयशंकर ने कहा कि दुनिया जब वैश्विक हो चुकी है, तो हमें केवल ट्रेड तक सीमित नहीं रहना चाहिए मोबिलिटी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने एक बड़ा आंकड़ा भी बताया पिछले साल भारत को 135 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला, जो अमेरिका को हमारे निर्यात से लगभग दोगुना है।

 

अवैध आवाजाही पर चेतावनी

जयशंकर ने अवैध माइग्रेशन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी जैसे मामलों में अक्सर राजनीतिक और अलगाववादी एजेंडा वाले लोग शामिल होते हैं, और इससे गंभीर परिणाम सामने आते हैं।

Related Articles

Back to top button