चीन मुद्दे पर संसद में हंगामा, राहुल गांधी के बयान के बाद लोकसभा स्थगित

चीन के मुद्दे पर संसद में विपक्ष का तीखा हमला राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का दिया हवाला हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली: चीन से जुड़े मुद्दे को लेकर सोमवार को संसद में जबरदस्त गहमा-गहमी देखने को मिली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का हवाला देते हुए सरकार से सवाल उठाए। भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

 

यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है: राहुल गांधी

संसद से बाहर निकलने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सदन में वही बातें रखना चाहते थे, जो पूर्व आर्मी चीफ ने अपनी किताब में लिखी हैं और जिनका ज़िक्र एक आर्टिकल में भी किया गया है। मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा, आर्टिकल को कोट कर रहा हूँ, राहुल गांधी ने कहा कि वह कोई नई बात नहीं कह रहे, बल्कि प्रकाशित आर्टिकल और पूर्व सेना प्रमुख के नजरिए को ही सामने रखना चाहते हैं। उनका सवाल है कि जब चीन सीमा पर आक्रामक था, तब सरकार की ओर से क्या फैसले लिए गए और नेतृत्व ने क्या भूमिका निभाई।

 

पूर्व आर्मी चीफ की किताब से क्यों डर रही है सरकार?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह किताब सेना के शीर्ष नेतृत्व का नजरिया पेश करती है, और सरकार उसी से डर रही है। अगर वह बातें सामने आईं, तो देश को कई अहम सच्चाइयों का पता चलेगा।

 

सच सामने आया तो सरकार की पोल खुलेगी

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा क्योंकि सरकार डरती है कि सच्चाई सामने आ गई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जुड़े कई सवाल उठ खड़े होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चीन आगे बढ़ रहा था, तब “56 इंच के सीने” का क्या हुआ?

 

देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है कि वह संकट के समय दिशा दें और फैसले लें। फैसलों से बचना या जिम्मेदारी दूसरों पर डालना नेतृत्व की कमजोरी को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने यही किया।

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