कानपुर की ‘कथित लुटेरी दुल्हन’ दिव्यांशी को बेल, पुलिस की दलीलें ढहीं, कोर्ट ने लगाई फटकार
कानपुर की कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ दिव्यांशी को कोर्ट से बड़ी राहत सबूतों की कमी पर रिमांड अर्जी खारिज, पुलिस पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी रिहाई के बाद दिव्यांशी का पति और पुलिस पर बड़ा आरोप

Kanpur: कानपुर में पुलिस जिस महिला को “4 शादी करने वाली लुटेरी दुल्हन” बता रही थी, उसे कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। सबूतों की कमी पर एसीजेएम कोर्ट ने दिव्यांशी चौधरी को तुरंत रिहा करने का आदेश दे दिया। पुलिस ने रिमांड की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने साफ कहा, “सिर्फ आरोपों के आधार पर किसी को पुलिस कस्टडी में नहीं भेज सकते।”
दिव्यांशी का पति पर पलटवार
रिहाई के बाद दिव्यांशी मीडिया के सामने आईं और कहा कि उनके खिलाफ केस उसी थाने में दर्ज कराया गया जहां उनके पति गौरव तैनात थे। दिव्यांशी का दावा , उनकी 4 शादियां नहीं हुईं, सारे आरोप झूठे और आधारहीन हैं, पुलिस ने लगाए थे 12 गंभीर आरोप, कानपुर पुलिस ने उन पर BNS की 12 धाराएं लगाई थीं, जिनमें, धोखाधड़ी, जालसाजी, ब्लैकमेलिंग, आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। पुलिस ने “गिरोह के बाकी सदस्यों” तक पहुंचने के लिए रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट में ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई।
बचाव पक्ष का तर्क और पुलिस की किरकिरी
दिव्यांशी के वकीलों ने कोर्ट में बताया कि, पुलिस के पास कोई तकनीकी सबूत नहीं, न कोई दस्तावेज़, न कोई ऐसा आधार, जिससे रिमांड सही साबित हो, कोर्ट ने कहा कि पुलिस की रिमांड अर्जी आधारहीन है और खारिज कर दी। रिमांड प्रक्रिया में पुलिस की देरी पर कोर्ट नाराज, दिव्यांशी को दोपहर में गिरफ्तार किया गया, लेकिन रिमांड के लिए आवेदन शाम 5:30 के बाद दिया गया। वकीलों के अनुसार, पुलिस देर रात इस उम्मीद में पहुंची थी कि “बिना फाइल देखे रिमांड मिल जाएगी।” लेकिन जज ने रात में सुनवाई से मना कर दिया और अगली सुबह आने को कहा। कोर्ट ने इस देरी को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की। पुलिस का दावा, संगठित गिरोह की सदस्य, पुलिस का आरोप है कि दिव्यांशी एक ऐसे रैकेट से जुड़ी है जो, शादी का झांसा देता है। फिर फर्जी रेप केस और अश्लील वीडियो दिखा कर पैसे वसूलता है। इसे पुलिस ने “फेक रेप–एक्सटॉर्शन रैकेट” नाम दिया है। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस के सामने चुनौती है कि, या तो पक्के सबूत लाकर दोबारा रिमांड मांगे, या सीधे चार्जशीट फाइल करे।



