ओमान में पीएम मोदी का संबोधन: ‘मिनी इंडिया’ के बीच भारत की बढ़ती ताकत का संदेश
ओमान में भारतीय समुदाय के बीच पीएम मोदी ने भारत की तेज़ विकास यात्रा और वैश्विक भूमिका पर बात की। भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए स्पेस सेक्टर की उपलब्धियां गिनाईं। भारत-ओमान रिश्तों में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं की भूमिका को सबसे अहम बताया।

ओमान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण देशभक्ति के नारों—‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘मोदी-मोदी’ के साथ शुरू हुआ। उत्साहित माहौल के बीच पीएम मोदी ने कहा कि उनके सामने ओमान में एक “मिनी इंडिया” दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ओमान में रहने वाले भारतीय सिर्फ विदेश में ही नहीं रहते, बल्कि लगातार भारत से जुड़े रहते हैं और देश की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखते हैं। उन्होंने भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज भारत की नीतियां, नीयत और प्रदर्शन—तीनों दुनिया के सामने साफ दिखाई दे रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि हालिया आर्थिक आंकड़ों के अनुसार भारत की विकास दर 8 प्रतिशत से अधिक रही है। ऐसे समय में, जब दुनिया कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है, भारत लगातार दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
भारत का स्पेस प्रोग्राम: वैश्विक सहयोग की मिसाल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का स्पेस प्रोग्राम अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह मित्र देशों की उम्मीदों और जरूरतों को भी पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत और ओमान के बीच 6–7 साल पहले स्पेस कोऑपरेशन को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत ISRO ने इंडिया-ओमान स्पेस पोर्टल विकसित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि इस साझेदारी का लाभ ओमान के युवाओं तक भी पहुंचे। ISRO का ‘युविका’ कार्यक्रम पहले से ही हजारों भारतीय छात्रों को स्पेस साइंस से जोड़ रहा है और अब ओमान के छात्रों को भी इसमें शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
भारत जल्द बनाएगा अपना स्पेस स्टेशन
भारतीय समुदाय और छात्रों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने गगनयान मिशन का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी में है और वह दिन दूर नहीं जब भारत का अपना स्पेस स्टेशन भी होगा।
विविधता ही भारत की असली ताकत
पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि भारत में हर दिन, हर मौसम और हर परंपरा एक नया रंग और नया उत्सव लेकर आती है। यही वजह है कि भारतीय दुनिया के किसी भी कोने में जाकर वहां की संस्कृति और नियमों के साथ आसानी से घुल-मिल जाते हैं। ओमान में भी उन्होंने इसी भावना को प्रत्यक्ष रूप से महसूस करने की बात कही।
शिक्षा से मजबूत हो रहे भारत-ओमान संबंध
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते, जो कभी व्यापार से शुरू हुए थे, आज शिक्षा के जरिए और मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओमान के भारतीय स्कूलों में करीब 46,000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें अन्य समुदायों के बच्चे भी शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ओमान में भारतीय शिक्षा के 50 वर्ष पूरे होना दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



