अनुपमा गुलाटी हत्याकांड: हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में आरोपी पति राजेश गुलाटी की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। पत्नी की हत्या कर शव के 72 टुकड़े करने के मामले में 8 साल बाद हाईकोर्ट ने अपील खारिज की। निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध माना।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी पति राजेश गुलाटी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने आरोपी द्वारा दायर की गई अपील को खारिज कर दिया। यह मामला साल 2010 का है, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की बेरहमी से हत्या कर उनके शव के 72 टुकड़े कर दिए थे और सबूत मिटाने के लिए उन्हें अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था।

 

निचली अदालत का फैसला सही ठहराया

सितंबर 2017 में देहरादून की निचली अदालत ने राजेश गुलाटी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उस पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। अदालत के आदेश के मुताबिक, 70 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा किए जाएंगे, जबकि शेष राशि अनुपमा के बच्चों के वयस्क होने तक बैंक में सुरक्षित रखी जाएगी। राजेश गुलाटी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन करीब 8 साल चली सुनवाई के बाद जस्टिस रविंद्र मैथानी और जस्टिस आलोक महरा की बेंच ने उसकी अपील खारिज कर दी।

 

कैसे हुआ खौफनाक हत्याकांड

17 अक्टूबर 2010 की रात राजेश और अनुपमा के बीच झगड़ा हुआ। इसी दौरान राजेश ने अनुपमा को थप्पड़ मारा, जिससे उनका सिर दीवार से टकरा गया और वह बेहोश हो गईं। शिकायत के डर से राजेश ने उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने बाजार से इलेक्ट्रिक आरी और डीप फ्रीजर खरीदा, शव के 72 टुकड़े किए और उन्हें प्लास्टिक बैग में रखकर फ्रीजर में छिपा दिया। बाद में वह इन टुकड़ों को देहरादून के अलग-अलग सुनसान इलाकों में फेंकता रहा।

 

बच्चों से बोला—मां नानी के घर गई है

जब बच्चों ने मां के बारे में पूछा तो राजेश ने उन्हें बताया कि वह नानी के घर गई हैं। हालांकि बच्चों को सच्चाई का अंदाजा था। इसी बीच अनुपमा के परिवार वालों को शक हुआ, क्योंकि उनसे लंबे समय तक कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। अनुपमा के भाई ने अपने दोस्त को पासपोर्ट कर्मचारी बनाकर घर भेजा, लेकिन शक और गहराता चला गया। आखिरकार 12 दिसंबर 2010 को पुलिस के साथ घर पहुंचकर राजेश को गिरफ्तार किया गया।

 

पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा

पुलिस पूछताछ के दौरान राजेश ने पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। उसकी कहानी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। इस मामले को देश के सबसे क्रूर घरेलू अपराधों में गिना जाता है।

 

लव स्टोरी से मर्डर मिस्ट्री तक

राजेश और अनुपमा की मुलाकात 1992 में हुई थी। सात साल के अफेयर के बाद दोनों ने 1999 में शादी की। अमेरिका में रहने के दौरान रिश्तों में तनाव बढ़ा, घरेलू हिंसा के मामले सामने आए और मामला संरक्षण अधिकारी तक पहुंचा। अंततः यह रिश्ता एक दिल दहला देने वाले अपराध में बदल गया।

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