अजित पवार के निधन पर फडणवीस, शिंदे भावुक, महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक
अजित पवार के निधन पर सीएम देवेंद्र फडणवीस भावुक, इसे बताया व्यक्तिगत क्षति महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक, पीएम मोदी और अमित शाह को दी गई जानकारी डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बोले महाराष्ट्र के लिए यह एक अपूरणीय नुकसान

मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का पहला बयान सामने आया है। इस दुखद मौके पर सीएम फडणवीस भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अजित पवार का जाना उनके लिए सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत क्षति है। सीएम फडणवीस ने कहा, “मेरा दमदार और दिलदार मित्र चला गया। अजित पवार का जाना मेरे लिए पर्सनल लॉस है। यह महाराष्ट्र के लिए बेहद मुश्किल दिन है।” उन्होंने बताया कि अजित पवार के निधन से पवार परिवार को गहरा आघात लगा है। इस पूरे मामले की जानकारी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी दी है। सीएम फडणवीस ने आगे कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभाई और वे एक संघर्षशील नेता थे। उनके निधन के चलते राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
‘दिल सुन्न हो गया है’ – फडणवीस
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, “दादा चले गए। मेरे दोस्त, साथी और डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित दादा पवार की प्लेन क्रैश में मौत बेहद दिल दहला देने वाली है। यह दिल तोड़ने वाला है। मेरा दिल सुन्न हो गया है। शब्दों में अपनी भावनाएं बयां करना मुश्किल है।” उन्होंने आगे लिखा कि यह ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। आज का दिन पूरे महाराष्ट्र के लिए बहुत भारी है। उन्होंने अजित पवार को श्रद्धांजलि दी और कहा कि सरकार इस हादसे में जान गंवाने वाले चार अन्य लोगों के परिवारों के दुख में भी शामिल है। सीएम फडणवीस ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वे बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “आज महाराष्ट्र के लिए काला दिन है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।” एकनाथ शिंदे ने अजित पवार के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वे साफ-साफ बोलने वाले नेता थे। किसी काम के लिए वे कभी टालमटोल नहीं करते थे, जो संभव होता था, उसके लिए तुरंत हां कहते थे और जो नहीं हो सकता, उसके लिए साफ ना। शब्द भले ही कड़े होते थे, लेकिन दिल से वे बेहद अच्छे इंसान थे। उन्होंने बताया कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब अजित पवार ने डिप्टी सीएम के रूप में उनके साथ काम किया। दोनों ने मिलकर टीम की तरह महाराष्ट्र के लिए काम किया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि जहां वे देर रात तक काम करते थे, वहीं अजित पवार सुबह जल्दी उठकर काम शुरू करने वाले नेता थे और समय की बहुत कद्र करते थे। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया।



