बहराइच में कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर पर बवाल, डीजीपी ने एसपी को किया तलब
बहराइच में कथावाचक को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर वीडियो वायरल होते ही विपक्ष का तीखा हमला डीजीपी ने एसपी को तलब कर मांगा जवाब

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस परेड ग्राउंड में दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। एसपी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों द्वारा रेड कारपेट वेलकम और सलामी दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं आज़ाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने इसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान बताया है।
डीजीपी ने मांगा जवाब, एसपी तलब
मामले के तूल पकड़ने के बाद यूपी पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गया है। डीजीपी ने बहराइच के एसपी राम नयन सिंह को तलब कर पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांगा है। यूपी पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी बयान में कहा गया है कि परेड ग्राउंड के भीतर इस तरह का आयोजन किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। बताया जा रहा है कि कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी के आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और एसपी ने स्वयं सलामी दी, जिसका वीडियो वायरल होते ही विवाद गहरा गया।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने वीडियो साझा करते हुए सरकार और पुलिस व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब पुलिस सलामी देने में व्यस्त रहेगी, तब अपराधी बेखौफ रहेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और माफिया राज बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस अपने मूल कर्तव्यों से भटक रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस घटना का संज्ञान लेने वाला कोई है या फिर सभी परेड में ही शामिल हैं।
बहराइच पुलिस की सफाई
विवाद के बीच बहराइच पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में मानसिक अवसाद के चलते 25 से 28 पुलिसकर्मियों ने इस्तीफा दिया है। ऐसे हालात में जवानों और ट्रेनिंग पर आए पुलिसकर्मियों को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को आमंत्रित किया गया था, ताकि उनके प्रेरणादायक विचारों से पुलिस बल को सकारात्मक मार्गदर्शन मिल सके।



