पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ के 4 साल पूरे, CM भगवंत मान ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड

सरकारी स्कूलों में बड़े सुधार, बजट में भारी बढ़ोतरी नेशनल सर्वे में पंजाब नंबर-1, छात्रों का शानदार प्रदर्शन स्कूल ऑफ एमिनेंस और नई नीतियों से शिक्षा को मिली रफ्तार

चंडीगढ़, 30 मार्च 2026:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” श्रृंखला के तहत पंजाब सरकार की “शिक्षा क्रांति” का चार सालों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस रिपोर्ट कार्ड में बताया गया कि निरंतर सुधारों के कारण सरकारी स्कूल मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं, जिसके देश भर में शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।

 

शिक्षा क्रांति और उपलब्धियां

‘शिक्षा क्रांति’ को पंजाब के विकास की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में शीर्ष रैंकिंग, रिकॉर्ड शैक्षणिक नतीजे, जीरो पेपर लीक और बुनियादी ढांचे तथा शिक्षक प्रशिक्षण में बड़े निवेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षा व्यवस्था में भारी खाई थी, जिसे अब दूर किया जा रहा है और सरकारी स्कूलों को प्राइवेट के बराबर लाया जा रहा है।

 

बजट और सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में लगातार बजट बढ़ाया गया है। वर्ष 2021-22 में 12,657 करोड़ रुपए का बजट था, जिसे 2026-27 में बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की शिक्षा के प्रति गंभीरता और प्राथमिकता को दर्शाता है।

 

स्कूलों में सुधार और सुविधाएं

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अब बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, वाई-फाई, लैब, क्लासरूम और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, छात्रों को समय पर किताबें और मुफ्त वर्दियां दी जा रही हैं। एक अप्रैल से अभिभावकों को बच्चों की उपस्थिति और शिक्षकों की छुट्टी की जानकारी भी दी जाएगी।

 

छात्रों की सफलता और नई पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं 740 छात्रों ने जेईई और 1284 ने नीट परीक्षा पास की है। स्कूल ऑफ एमिनेंस के जरिए छात्रों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी दी जा रही है।

 

भर्ती, प्रशिक्षण और विस्तार

उन्होंने कहा कि 14,525 शिक्षकों की भर्ती की गई है और हजारों कर्मचारियों को नियमित किया गया है। शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं और लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा भी शुरू की गई है।

 

उच्च शिक्षा और नवाचार पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति लागू की गई है और नई यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। बिजनेस ब्लास्टर स्कीम के तहत छात्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं मेंटरशिप प्रोग्राम के जरिए अधिकारी छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई हैं।

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