किशनगंज में कोर्ट का सख्त आदेश: बकाया भुगतान नहीं करने पर भवन निर्माण विभाग के दफ्तर और संपत्ति की नीलामी
संवेदक के 8 साल पुराने बकाया भुगतान मामले में किशनगंज व्यवहार न्यायालय का कड़ा फैसला। भवन निर्माण विभाग के कार्यालय, जमीन और सामान की नीलामी का आदेश जारी। 23 लाख रुपये बकाया, 28 जनवरी 2026 को तय की गई नीलामी की तारीख।

Bihar news: बिहार के किशनगंज में व्यवहार न्यायालय के एक सख्त आदेश ने भवन निर्माण विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अदालत ने संवेदक का वर्षों पुराना बकाया भुगतान नहीं करने पर विभागीय कार्यालय, जमीन और अन्य संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया है। जिले में इस फैसले की जमकर सराहना हो रही है, वहीं विभागीय महकमे में खलबली मची हुई है।
क्यों कोर्ट ने दिया नीलामी का आदेश?
किशनगंज व्यवहार न्यायालय के सब जज प्रथम ने करीब 8 साल पुराने बकाया भुगतान मामले में कड़ा रुख अपनाया है। यह मामला निष्पादन वाद संख्या 22/2024 (सिस-25/2024) से जुड़ा है। अदालत के आदेश के बाद नीलामी से संबंधित नोटिस भवन निर्माण विभाग के कार्यालय सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों पर चिपकाए गए हैं। किशनगंज जिले के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी सरकारी विभाग के कार्यालय की नीलामी का आदेश दिया गया है। नीलामी की तिथि 28 जनवरी 2026 तय की गई है।
संवेदक का कितना पैसा है बकाया?
मिली जानकारी के अनुसार, संवेदक मुकेश सिंह का भवन निर्माण विभाग के पास करीब 23 लाख रुपये बकाया है। मुकेश सिंह ने लगभग 8 साल पहले विभाग के लिए निर्माण और मरम्मत का कार्य पूरा किया था। काम समाप्त होने के बाद उन्होंने भुगतान के लिए कई बार विभागीय कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने विभागीय ट्रिब्यूनल में मुकदमा दायर किया, जहां से भुगतान का आदेश भी हुआ, लेकिन विभाग ने उसे लागू नहीं किया। इसके बाद संवेदक ने व्यवहार न्यायालय का रुख किया।
भवन, जमीन और सामान तक की होगी नीलामी
व्यवहार न्यायालय के आदेश के अनुसार, नीलामी में भवन निर्माण विभाग का किशनगंज स्थित कार्यालय, उससे जुड़ी जमीन और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। चल संपत्तियों में 4 टेबल, 20 कुर्सियां, 5 अलमारियां, 6 सीलिंग फैन और एक एयर कंडीशनर शामिल किया गया है। वहीं अचल संपत्ति के रूप में मौजा डुमरिया, वार्ड संख्या 09, एमएस खाता संख्या 171, प्लॉट संख्या 255 (डी व ई) और 256 (डी) की जमीन शामिल है। कुल रकबा लगभग 10 कट्ठा बताया गया है, जिस पर करीब 2000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बना दो मंजिला पक्का भवन मौजूद है। भूमि और भवन की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये आंकी गई है।
विभाग की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज सिंह ने ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया है। उन्होंने फोन पर बताया कि यह पुराना मामला है और बकाया भुगतान के लिए विभाग की ओर से संबंधित स्तर पर पत्राचार किया गया है।



