अमेरिका ट्रेड डील पर संजय सिंह का हमला, किसानों और महंगाई को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

ट्रेड डील को लेकर संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला अमेरिका से तेल और कृषि आयात फैसले पर उठाए सवाल किसानों और महंगाई को लेकर आंदोलन की चेतावनी

Sanjay singh: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि आज का दिन देश के किसानों और आम जनता के लिए काला दिन साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश को विश्वास में लिए बिना अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है। संजय सिंह ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इस फैसले की जानकारी भारत सरकार की तरफ से नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति के ट्वीट के जरिए सामने आई, जिससे यह संकेत मिलता है कि देश की आर्थिक नीतियां अब बाहरी दबाव में तय हो रही हैं।

 

तेल खरीद फैसले पर सवाल

संजय सिंह ने दावा किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और अमेरिका तथा वेनेजुएला से तेल आयात करेगा। उन्होंने इसे देशहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि वेनेजुएला का तेल कम गुणवत्ता वाला होता है और उसे रिफाइन करने में ज्यादा खर्च आता है, जबकि अमेरिका का तेल रूस की तुलना में काफी महंगा है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा और पेट्रोल-डीजल सहित रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।

 

किसानों के लिए खतरा बताया समझौता

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लगाने का फैसला लिया है। उनके मुताबिक, इससे अमेरिका से आने वाला कपास, गेहूं, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद भारत में सस्ते बिकेंगे, जिससे भारतीय किसानों की फसल को बाजार नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला करोड़ों किसानों को आर्थिक संकट में धकेल सकता है।

 

किसानों के साथ विश्वासघात का आरोप

उन्होंने कहा कि देश की 70 से 80 करोड़ आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। भारतीय किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सरकार के फैसले किसानों के हितों के खिलाफ हैं। संजय सिंह ने इसे तीन कृषि कानूनों की तरह किसानों के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि सरकार फिर से किसानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

 

गोदी मीडिया और अमेरिका को फायदा होने का दावा

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार समर्थक मीडिया इस फैसले को उपलब्धि बताने की कोशिश करेगा, जबकि असलियत यह है कि इस समझौते से अमेरिका के किसान और कॉरपोरेट्स को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की एग्रीकल्चर सेक्रेटरी ने इस डील पर खुशी जताई है, जो इस बात का संकेत है कि समझौता भारत के बजाय अमेरिका के हित में ज्यादा है।

 

प्रधानमंत्री पर दबाव होने का आरोप और आंदोलन की चेतावनी

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है, जिसके चलते देश के हितों से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने एप्स्टीन फाइल और अडानी मामले का जिक्र करते हुए सरकार पर दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर यह ट्रेड डील वापस नहीं ली गई तो किसानों और आम जनता के साथ मिलकर सड़क से लेकर संसद तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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