बिहार में रोमांचक मुकाबला, NDA मामूली बढ़त पर। जन सुराज पार्टी ने बदली चुनावी गणित की दिशा।

बिहार में रोमांचक मुकाबला, NDA मामूली बढ़त पर। जन सुराज पार्टी ने बदली चुनावी गणित की दिशा।

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जारी SAS Group (IITians Group) के एग्ज़िट पोल ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। इस सर्वे के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) मामूली बढ़त के साथ आगे दिख रहा है, जबकि महागठबंधन (MGB) लगभग बराबरी की टक्कर में है। सर्वे में जनता ने इस बार जातीय और विकास दोनों को ध्यान में रखते हुए वोट दिया है, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया है।

 

कुल वोट शेयर का अनुमान

SAS Group के अनुसार बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों में वोट प्रतिशत इस प्रकार रहा, गठबंधन / पार्टी वोट शेयर (%), NDA 41%, MGB 40%, JSP (जन सुराज पार्टी)** 10.5%, Others 8.5%, इस वोट शेयर के आधार पर यह साफ़ है कि NDA और MGB के बीच सिर्फ 1% का अंतर है, यानी मतदाता दो ध्रुवों में बंटे हुए हैं। तीसरे मोर्चे के रूप में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) ने 10% से ज्यादा वोट पाकर चुनावी तस्वीर में नई दिशा दी है।

 

सीटों का अनुमान (243 सीटों में)

SAS Group के एग्ज़िट पोल के मुताबिक कुल 243 विधानसभा सीटों में से NDA बहुमत के क़रीब पहुँच रहा है।सीटों का अनुमान इस प्रकार है: गठबंधन / पार्टी अनुमानित सीटें, NDA 126 – 130, MGB 106 – 110, JSP 7 – 10, Others 4 – 6, इस अनुमान के अनुसार जादुई आंकड़ा 122 को NDA पार करता दिख रहा है, जबकि MGB 110 के आसपास रुक सकता है।

 

पार्टी-वार सीटों का विवरण

NDA के अंदर सीटें:

• भाजपा (BJP) – 55 से 56 सीटें • जदयू (JDU) – 62 से 63 सीटें • लोजपा (LJP) – 6 से 7 सीटें  • हम (HAM) – 2 से 3 सीटें • RLM – 1 सीट,  कुल: 126 – 130 सीटें, महागठबंधन (MGB) के अंदर सीटें: • राजद (RJD) – 77 से 78 सीटें, • कांग्रेस (INC) – 20 से 21 सीटें,• वाम दल (CPI, CPM, CPI-ML) – 8 से 9 सीटें, • VIP – 1 से 2 सीटें, कुल: 106 – 110 सीटें

 

2020 बनाम 2025 : वोट शेयर में बदलाव

पार्टी 2020 (%) 2025 (%) अंतर, MGB 37.23 40.00 +2.77, NDA 37.26 41.00 +3.74, Others 25.51 19.00 -6.51, यानि दोनों प्रमुख गठबंधनों का वोट शेयर बढ़ा है, जबकि “अन्य” दलों का ग्राफ़ तेजी से गिरा है।

 

सर्वे का विश्लेषण: क्यों आगे है NDA

SAS Group के अनुभवी psephologist डॉ. धर्मा राव और डॉ. गंगाधर के नेतृत्व में बनाए गए इस सर्वे ने कई सामाजिक और राजनीतिक संकेत उजागर किए, 1. मोदी-शाह की जोड़ी और “जंगलराज बनाम सुशासन” के नैरेटिव ने जनता को प्रभावित किया।

2. महिलाओं का समर्थन नीतीश कुमार की साइकिल योजना और ₹10,000 सहायता योजना के कारण NDA के पक्ष में गया।

3. युवाओं के वोट में बिखराव आया — जहाँ पहले वे महागठबंधन के साथ थे, अब उनका बड़ा हिस्सा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में गया, जिससे NDA को अप्रत्यक्ष फायदा हुआ।

4. कांग्रेस की कमजोर भूमिका और सीट बंटवारे से MGB को नुकसान हुआ।

5. “डबल इंजन सरकार” की छवि और विकास योजनाओं की झड़ी ने NDA को स्थिरता का लाभ दिया।

6. RJD की “हर घर नौकरी” वाली घोषणा को जनता ने “अवास्तविक वादा” माना, जिससे शिक्षित वर्ग NDA की ओर झुका।

 

निष्कर्ष : कांटे की टक्कर, NDA हल्की बढ़त पर

243 सीटों की बिहार विधानसभा में 122 सीटें बहुमत का आंकड़ा हैं। SAS Group का सर्वे साफ़ संकेत देता है कि NDA उस सीमा को छूता हुआ दिख रहा है, जबकि महागठबंधन मामूली अंतर से पीछे है। जन सुराज पार्टी का उभार और कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन इस चुनाव का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। SAS Group (IITians) की यह रिपोर्ट 11 नवंबर 2025 को हैदराबाद में जारी की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. धर्मा राव, डॉ. गंगाधर और CEO मूर्ति वी.आर. ने किया। निष्कर्ष में कहा जा सकता है कि, बिहार का जनादेश इस बार भी “क्लोज़ कॉल” है। जहाँ NDA बहुमत की सीमा पर, वहीं MGB संघर्ष की आखिरी रेखा पर। 2025 का नतीजा साबित करेगा कि बिहार अब “सुशासन” के नाम पर वोट देता है या “समान अवसर” के वादे पर।

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