IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड में बहुत बड़ा खुलासा: सुसाइड नोट में किन 30-35 IPS-IAS अफसरों के नाम?

चंडीगढ़ में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार द्वारा आत्महत्या की घटना ने प्रशासन और पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। सोमवार (7 october) को सेक्टर-11 स्थित अपनी कोठी के बेसमेंट में लगे साउंड-प्रूफ थिएटर रूम में उन्होंने खुद को गोली मार ली। घटना से जुड़ी आपत्तिजनक बातें — एक लंबा सुसाइड-नोट, एक वसीयत और गनमैन से जुड़े भ्रष्टाचार के दावों ने इस मामले को हाई-प्रोफ़ाइल बना दिया है। नीचे घटना की हर अहम जानकारी क्रमवार और तथ्यपरक ढंग से दी जा रही है।


कहाँ और कैसे ?

  • घटना कब हुई: 7 अक्टूबर (सूचना के अनुसार)।

  • कहाँ हुई: चंडीगढ़, सेक्टर-11 में पूरन कुमार का निजी आवास (कोठी) और वहां का बेसमेंट जिसमें साउंड-प्रूफ थिएटर बनाया गया था।

  • क्या हुआ: बेसमेंट के साउंड-प्रूफ रूम में उन्होंने अपनी सर्व्हिस राइफल/हथियार से खुद को गोली मारी; मौके पर वसीयत और सुसाइड-नोट मिले। उनकी बेटी अमूल्या बाजार से लौटकर बेसमेंट में बैठी हालत में पिता को देखकर तुरंत मदद के लिए बाहर गई।


सुसाइड-नोट और वसीयत — क्या लिखा ?

  • सुसाइड-नोट की लंबाई: अंग्रेज़ी में 8 पन्नों का नोट छोड़ा गया।

  • नोट में क्या कहा गया: नोट में उन्होंने 30-35 IPS अफसरों और कुछ IAS अधिकारियों के नाम लिखकर कई गंभीर आरोप लगाए — जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, ACR (परफ़ोर्मेंस रिपोर्ट) में गड़बड़ी, सरकारी आवास न मिलने से संबंधित परेशानियाँ, और लगातार दुष्कर नोटिस व प्रशासनिक दबाव।

  • वसीयत: उन्होंने अपनी संपत्ति की समस्त जानकारी और वसीयत छोड़कर संपत्ति अपनी पत्नी अमनीत पी. कुमार (IAS) के नाम करने की बात दर्ज की। वसीयत और नोट पर अलग-अलग तारीखें दर्ज थीं (वसीयत: 6 अक्टूबर, सुसाइड-नोट: 7 अक्टूबर; सूचनाएँ रिपोर्ट में दी गई हैं)।

  • पुलिस की स्थिति: चंडीगढ़ पुलिस ने कहा है कि सुसाइड नोट व वसीयत मिले हैं; किन अफसरों के नाम नोट में हैं, उसकी आधिकारिक सूची पुलिस ने सार्वजनिक नहीं की है।


दो संभावित कारण

  1. गनमैन के रिश्वत-कांड की कड़ी

    • रोहतक पुलिस ने IG के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ एक रिश्वत (extortion) केस दर्ज किया था। आरोप था कि सुशील ने ठेकेदार प्रवीण बंसल से महीनेवार दो से ढाई लाख रुपये मांगे। ठेकेदार ने CCTV और कॉल रिकॉर्डिंग भी शिकायत के साथ पुलिस को दी।

    • पूछताछ के दौरान, सुनने में आया कि गनमैन ने अपने ऊपर चल रही जांच में IG पूरन का नाम लिया था — जिससे मामला संवेदनशील बन गया। रोहतक SP ने इस मामले का खुलासा किया था। चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि इस मामले में अभी कोई नोटिस नहीं भेजा गया था।

  2. पद-स्थापन में बदलाव (पुनर्नियुक्ति / “पेनाल्टी पोस्टिंग”)

    • पूरन कुमार को पहले रोहतक रेंज के IG के रूप में तैनात किया गया था। 29 सितंबर को अचानक उन्हें उस क्षेत्र के पद से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सुनारिया (रोहतक) में लगा दिया गया — जिसे विभागीय भाषा में पेनाल्टी / फील्ड ड्यूटी से हटाना माना जा रहा था।

    • वे इस नई पोस्टिंग ज्वाइन नहीं कर पाए थे और 7 अक्टूबर तक छुट्टी पर थे। रिपोर्टों में कहा गया कि इस अचानक तबादले और उससे जुड़ी परेशानियों का उन पर असर पड़ा।


परिवार की प्रतिक्रिया और घटनास्थल की स्थिति

  • पत्नी और परिवार: पत्नी अमनीत पी. कुमार (IAS) जापान दौरे से लौटकर तुरंत सेक्टर-24 सरकारी आवास पहुँचीं; चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी समेत कई आईएएस-आईपीएस अफसर उनसे मिले और संवेदना व्यक्त की। उनकी बेटी अमूल्या घटनास्थल पर मौजूद थी।

  • रसोइए की बात: कोठी के रसोइए प्रेम सिंह ने मीडिया को बताया कि सुबह-दोपहर वे बेसमेंट में जाने की बात कहकर गए थे; पत्नी ने 15 बार कॉल की पर उन्होंने फोन नहीं उठाए। बाद में बेटी अमूल्या लौटकर बेसमेंट में उन्हें खून से लथपथ पाया।

  • पोस्टमॉर्टम: वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम सेक्टर-16 के जीएमसीएच/सरकारी अस्पताल में 8 अक्टूबर को होना था; प्रशासन ने सैंपल सहेजकर फॉरेंसिक जांच और हथियार व सूरत-हाल की पड़ताल शुरू कर दी।


क्या कदम उठाये गये ?

  • चंडीगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुरुआती फॉरेंसिक और सीन-इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है।

  • रोहतक पुलिस की तरफ से गनमैन से जुड़े सर्विलांस-डाटा और कॉल-रिकॉर्डिंग जमा कर पूछताछ की जा रही है।

  • नोट में जिन नामों का ज़िक्र है, उन पर क्या कार्रवाई होगी — इसके बारे में अभी पुलिस ने आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है; जांच के बाद आवश्यकता अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


वाई पूरन कुमार कौन थे?

  • जन्म एवं शिक्षा: जन्म 19 मई 1973 (सूत्रों के अनुसार)। कंप्यूटर साइंस में बैचलर; IIM अहमदाबाद से PGDMC।

  • सेवा: 2001 बैच, हरियाणा कैडर आईपीएस अधिकारी। शैड्यूल्ड रिटायरमेंट की तिथि 31 मई 2033 बतायी गई है।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: पत्नी अमनीत पी. कुमार उच्च-पदस्थ IAS अधिकारी हैं; एक बेटी अमूल्या। कुछ नज़दीकी रिश्तेदार भी प्रशासनिक पदों से जुड़े बताए जा रहे हैं।


क्या हुआ अब — अगले कदम

  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक रिपोर्ट और सुसाइड-नोट की सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही घटना की वजहों पर स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएगा।

  • चंडीगढ़ व रोहतक पुलिस दोनों मिलकर कॉल रिकॉर्ड, CCTV और संबंधित शिकायतों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के बीच क्या विभागीय कारण/प्रोसेसिंग हुई — इसकी भी जाँच अपेक्षित है।

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