UP: कांवड़ लेकर विधानसभा पहुंचे सपा विधायक ‘अतुल प्रधान’, एक तरफ आंबेडकर, दूसरी तरफ लोहिया !

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 11 अगस्त 2025 से शुरू हुआ। पहले ही दिन सपा विधायक अतुल प्रधान ने एक अनूठा प्रदर्शन कर सदन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वे कांवड़ लेकर विधानसभा पहुंचे, जिस पर डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राम मनोहर लोहिया की तस्वीरें लगी थीं। कांवड़ पर पोस्टर लगे थे, जिन पर लिखा था, “हमें चाहिए पाठशाला, नहीं चाहिए मधुशाला।” इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने शिक्षा के महत्व और शराबबंदी की आवश्यकता पर जोर दिया।

विधायक अतुल प्रधान का कांवड़ प्रदर्शन – शिक्षा और शराबबंदी का संदेश

समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने विधानसभा में कांवड़ लेकर पहुंचकर यह संदेश दिया कि समाज को शराब की जगह शिक्षा की आवश्यकता है। उनका यह प्रदर्शन विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत में चर्चा का विषय बना। कांवड़ पर लगे पोस्टर में साफ तौर पर लिखा था कि हमें मदिरालय नहीं, बल्कि शिक्षा के लिए पाठशाला चाहिए। इस प्रदर्शन ने सदन में विपक्ष की सक्रियता और जनहित के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अपील – सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्र की शुरुआत में सभी विधायकों से सहयोग और सकारात्मक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि तार्किक और तथ्यपरक बहस से ही जनसमस्याओं का समाधान संभव है। सर्वदलीय बैठक में भी सभी पार्टियों ने सदन के कामकाज को लंबा चलाने और हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा करने की बात कही। इस बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के कई नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश – सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्ता पक्ष पूरी तत्परता से सदन की कार्यवाही में सहयोग करेगा। उन्होंने विधायकों से अपील की कि वे सदन की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गंभीर मुद्दों पर चर्चा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनकल्याण और प्रदेश के विकास से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए सदन में खुले दिल से बात करने को तैयार है।

विपक्ष का सक्रिय योगदान और सरकार का सहयोगी रवैया

अतुल प्रधान का यह कांवड़ प्रदर्शन विपक्ष की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, जो जनहित के मुद्दों को लेकर सदन में अपनी आवाज़ बुलंद करना चाहता है। वहीं सरकार ने भी सकारात्मक संवाद के लिए सहयोग का संदेश दिया है। विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की यह अपील इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष लोकतंत्र के मजबूत और प्रभावी संचालन के लिए प्रयासरत हैं।

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