बड़ी खबर: नौकरी के बहाने बुलाकर BJP नेता ने किया रेप, वीडियो डालकर पीड़िता बोली – “सुसाइड कर लूंगी..”, पुलिस सन्न!

मध्य प्रदेश के सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत और उसके सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद पुलिस ने पूर्व भाजपा जिला प्रमुख सतिश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म (रेप) की FIR दर्ज कर ली है। पीड़िता ने वीडियो में कहा था कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी — यही वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
मामला कैसे शुरू हुआ ?
पीड़िता ने पहली बार यह शिकायत अप्रैल 2024 में कोलगवां थाने में दर्ज कराई थी। उसका आरोप है कि 2023 में सतिश शर्मा ने नौकरी दिलाने का वादा कर उसे अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि इसके बाद आरोपी बार-बार उसे धमका कर दबाने की कोशिश करता रहा और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देता था।
वायरल वीडियो ने जांच तेज की — पीड़िता की चेतावनी का प्रभाव
पुलिस जांच आगे न बढ़ने से हताश होकर पीड़िता ने तीन दिन पहले एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में उसने आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर FIR नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। वीडियो वायरल होते ही उच्चस्तरीय अधिकारियों ने संज्ञान लिया और कोलगवां थाने को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
आरोपी का पक्ष — सतीश शर्मा की सफाई
पूर्व जिला अध्यक्ष सतिश शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि 2023 में वह जिला प्रभारी के रूप में मौजूद थे और एक महिला से उनका पेशेवर संपर्क हुआ था। उन्होंने बताया कि मामले में उन्होंने अपने मित्र के जरिए 25,000 रुपये उधार दिलवाए थे और अब महिला पैसे वापस मांगने पर उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। शर्मा ने कहा कि सच्चाई जांच में ही सामने आएगी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
सतना के पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस संदिग्ध के खिलाफ साक्ष्य जुटाने, मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल तथा गवाहों से ब्यान दर्ज कराने की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी और आगे की कानूनी व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पहले भी निलंबन हुआ था
यह बात भी सामने आई है कि जब यह आरोप पहली बार सार्वजनिक हुए थे (अप्रैल 2024), तब भाजपा ने सतिश शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इसलिए वायरल वीडियो और FIR ने स्थानीय राजनीति में फिर हलचल पैदा कर दी है और मामले की संवेदनशीलता बढ़ा दी है।



