UP में 341 करोड़ की GST चोरी, 122 फर्जी फर्मों से 1811 करोड़ का कारोबार
UP में लोहे के व्यापार में 341 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। लखनऊ के कारोबारी अंकित कुमार ने 122 फर्जी फर्मों के जरिए 1811 करोड़ का फर्जी कारोबार किया। नौ आरोपी, दो एफआईआर और जांच जारी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग ने लोहे के कारोबार में टैक्स चोरी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। लखनऊ के लोहा कारोबारी अंकित कुमार ने दो मोबाइल नंबरों से 122 फर्जी फर्में बनाकर 1811 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया और 341 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की। यह अब तक की सबसे बड़ी जीएसटी चोरी बताई जा रही है।
दो मोबाइल नंबरों से देशभर में बना नेटवर्क
राज्य कर विभाग की जांच में सामने आया कि अंकित ने अलग–अलग राज्यों में दो मोबाइल नंबरों से फर्मों का पंजीयन कराया था। इन फर्मों के जरिए खरीद–फरोख्त के कागजात बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी की गई। जांच में पता चला कि रजिस्ट्रेशन के लिए फर्जी पते और पहचान पत्रों का इस्तेमाल हुआ।
दो ट्रकों से खुली परतें
लखनऊ–मुरादाबाद हाईवे पर 24 और 25 अक्तूबर को लोहे से लदे दो ट्रकों को पकड़ा गया, जिससे पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। ट्रक चालकों ने बताया कि माल लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी अंकित कुमार का है। जांच में यह भी सामने आया कि उसने प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के मकान का फर्जी किरायानामा दिखाकर रजिस्ट्रेशन कराया था। प्रवीण ने बाद में इस फर्जीवाड़े की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।
राज्य और सेंट्रल दोनों में धोखाधड़ी
राज्य कर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत 72 फर्मों ने 1274.1 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार कर 242.91 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। वहीं राज्य क्षेत्राधिकार की 50 फर्मों ने 537.20 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार कर 98.03 करोड़ रुपये की चोरी की।
एफआईआर और कार्रवाई
इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं और नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी 122 फर्मों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य कर विभाग ने विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव एम. देवराज, कमिश्नर और सीजीएसटी के प्रधान आयुक्त को भेज दी है।



