बड़ी खबर: 131 फुट की ऊंचाई से गिरी लिफ्ट, सवार थे 10 लोग.. 4 की दर्दनाक मौत, एक गड़बड़ी से हुआ हादसा!

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा स्थित आरकेएम पावर प्लांट में मंगलवार देर रात मेंटेनेंस के दौरान हृदयविदारक हादसा हुआ। प्लांट की एक लिफ्ट करीब 40 मीटर (≈131 फुट) की ऊंचाई से नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक चार मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल और अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है; परिजनों व साथियों ने प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया है।
हादसा कैसे हुआ — लिफ्ट 40 मीटर पर संतुलन खोई
प्लांट के बॉयलर में मेंटेनेंस का काम चल रहा था। हादसे के वक्त लिफ्ट में कुल 10 मजदूर सवार थे जो प्लांट की पाँचवीं मंजिल (करीब 75 मीटर) तक जा रहे थे। जब लिफ्ट लगभग 40 मीटर की ऊंचाई पर थी तो उसका संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक नीचे गिर पड़ी। गिरने के साथ ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य तुरंत शुरू हुआ।
मृतक और घायलों की स्थिति
प्रारंभिक खबरों में दो मजदूरों को घटनास्थल पर मृत पाया गया; कुछ को अस्पताल ले जाया गया जहाँ एक और ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और बाद में एक अन्य की भी मौत होने की पुष्टि हुई — कुल मृतक 4। गंभीर रूप से घायल 6 मजदूरों का इलाज रायगढ़ के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा है। मीडिया को उपलब्ध कराए गए स्थानीय सूत्रों तथा प्लांट कर्मियों के अनुसार मृतक और घायलों में उत्तर प्रदेश और झारखंड के निवासी शामिल हैं।
परिजन व साथी मजदूरों का रोष — हंगामा
हादसे के बाद बड़ी संख्या में मजदूर और उनके परिजन प्लांट के बाहर इकट्ठा होकर प्रबंधन व प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताने लगे। परिजनों ने कहा कि लिफ्ट की नियमित तकनीकी जांच नहीं की जाती थी और सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही बरती जा रही थी। भीड़ को शांत करने व मामले की जांच सुनिश्चित करने के लिए डभरा पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा बल तैनात किए गए।
तकनीकी खराबी का अनुमान, प्रबंधन पर सवाल
जांच अधिकारियों ने प्राथमिक तौर पर लिफ्ट की तकनीकी खराबी को दुर्घटना का कारण बताया है, पर साथ ही प्लांट प्रबंधन और सुरक्षा विभाग की संभावित लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल की जांच, लिफ्ट के हिस्सों की बरामदगी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि गिरने का असली कारण स्पष्ट किया जा सके।
प्रशासन की कार्रवाई और राहत की घोषणा
स्थानीय प्रशासन ने मौके पर समन्वय कर घायलों के इलाज और मृतक परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अधिकारी बयान दे चुके हैं कि मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि/सहायता देने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हादसे की पूरी निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस-प्रशासन क्या कह रहे हैं
डभरा थाना व सक्ती के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा गया है कि घटना के तकनीकी व प्रबंधकीय दोनों पहलुओं की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी—यदि किसी तरह की सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई तो प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारी भी जवाबदेह ठहराए जाएंगे।
सुरक्षा मानकों की सख्त जरूरत
ये दुखद घटना एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और मानवीय जीवन के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती है। जब लिफ्ट व वारंटी/मेंटेनेंस की नियमित जाँच न की जाए तो परिणाम घातक हो सकते हैं। प्रशासनिक जांच के नतीजे और मौतों के कारणों की फॉरेंसिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह केवल टेक्निकल फेल्योर था या प्रबंधन की लापरवाही भी इसमें शामिल रही। तब तक प्रभावित परिवारों के प्रति तुरंत राहत और घायलों के इलाज पर पूरा ध्यान देना आवश्यक है।



