वीजा का पैसा जुटाने के लिए डकैत बन गया आगरा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया निर्दोष

मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में हुई लूट के बाद एनकाउंटर में मारे गए 2 अपराधियों में से एक अपराधी निर्दोष वीजा का पैसा जुटाने के लिए डकैत बन गया था. वह अगले महीने ब्रिटेन जाने वाला था जिसके लिए पैसों की जरूरत थी जिसके चलते उसने बदमाशों का साथ पकड़ लिया और मणप्पुरम गोल्ड की ब्रांच में डाका डाला.
वीजा का पैसा जुटाने के लिए डकैत बन गया आगरा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया निर्दोष
आगरा. शनिवार को कमलानगर में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में 17 किलो सोना और पांच लाख रुपए नगद की लूट में हुए एनकाउंटर के दौरान आगरा पुलिस ने जिन 2 आरोपियों पर गोली चलाई थी और एसएन अस्पताल में उनकी मौत होने की खबर आई उनमें से एक आरोपी का नाम निर्दोष था. जिसने अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए अपराध की राह चुनी. निर्दोष का सपना पानी के जहाज से ब्रिटेन जाने का था जिसके लिए पैसे जुटाने के लिए उसने यह कदम उठाया. इतना ही नहीं निर्दोष ने मुंबई में मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग भी ली थी. माता पिता का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई में बहुत होशियार था. उसके बहुत बड़े सपने थे. उन्हें उम्मीद नहीं दी की निर्दोष इस तरह गलत राह चुन कर मौत को गले लगा लेगा.
निर्दोष को विदेश जाने के लिए पैसों की जरूरत थी जिसके चलते उसने बदमाशों का साथ पकड़ लिया और मणप्पुरम गोल्ड की ब्रांच में डाका डाला. निर्दोष फिरोजाबाद के मटसेना थाना क्षेत्र के गांव दबरई का निवासी था. परजनों को अब तक विश्वास नहीं हो पा रहा है कि इतने बड़े सपने देखने वाला लड़का कभी ऐसे अपराध में शामिल होगा. मां बाप का कहना है कि वह पढ़ाई में हमेशा फर्स्ट आता था. निर्दोष ने चेन्नई के सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से फुटवियर डिजाइनिंग में डिप्लोमा भी किया था. बीएएसी भी कर रखी थी. दो साल देहरादून और नोएडा में शू कंपनी में नौकरी भी की थी. दो साल पहले वह मुंबई चला गया जहां मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग ली जहां से नौकरी मिलने की उम्मीद थी जिसे कोरोना तोड़ दिया.
निर्दोष पिछले साल ही विदेश जाने वाला था लेकिन कोरोना के चलते सारे काम रुक गए. अगस्त में निर्दोष ब्रिटेन जाने ही वाला था जिसके वीजा के लिए पैसे जुटाने थे. परिवार में निर्दोष का एक छोटा भाई और पांच बहने हैं. परिजन पुलिस के संवालों के शर्मिंदा हैं. उनके पास जवाब नहीं है. पिता ने बताया कि बेटे की पढ़ाई के लिए उन्होंने खेत तक बेच दिया था . बेटा तीन महीने से घर नहीं आया था. कहता था कि वह नोएडा में एक कंपनी में काम करता है. शनिवार की रात साढ़े नौ बजे परिजनों को पता चला कि आगरा में जो दो बदमाश मारे गए हैं उनमें निर्दोष भी शामिल है।



