लखनऊ पेशाब कांड से मचा बवाल, आरोपी ‘बंबे वाले’ परिवार का दबदबा उजागर
लखनऊ में दलित बुजुर्ग के साथ हुई शर्मनाक घटना से राजनीति गरमा गई है। आरोपी दुकानदार ‘बंबे वाले’ परिवार का बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है, जबकि पीड़ित ने समान सजा और न्याय की मांग की है।

लखनऊ: काकोरी थाना क्षेत्र में शीतला माता मंदिर परिसर में 65 वर्षीय दलित बुजुर्ग रामपाल के साथ अमानवीय बर्ताव का मामला सामने आया। ज्वैलरी दुकानदार स्वामीकांत गुप्ता उर्फ पम्मू ने मंदिर में पेशाब हो जाने पर बुजुर्ग को जबरन अपनी पेशाब चाटने को मजबूर किया। बीमार और भयभीत रामपाल ने अपमान सहते हुए ऐसा किया और पूरे मंदिर को साफ भी किया।
पीड़ित ने सुनाई आपबीती
रामपाल ने बताया कि वह सांस के मरीज हैं और तबीयत बिगड़ने पर मंदिर की सीढ़ियों पर बैठ गए थे, तभी पेशाब हो गई। आरोपी ने उन्हें गालियां दीं, लात मारी और मंदिर शुद्ध करने का दबाव डाला। रामपाल ने कहा, “जैसे मुझसे पेशाब चटवाई गई, वैसे ही आरोपी से भी वही करवाया जाए।” परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपी स्वामीकांत को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना में और लोग शामिल थे। वहीं, आरोपी के परिवार को लेकर स्थानीय लोग बता रहे हैं कि वे “बंबे वाले” के नाम से जाने जाते हैं और इलाके में दबंग माने जाते हैं।
राजनीति में मचा तूफान
- घटना के बाद राजनीतिक दलों ने सरकार पर निशाना साधा।
- भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इसे “मानवता पर कलंक” बताया।
- आप सांसद संजय सिंह ने कहा, “बीजेपी राज में दलित होना अपराध है।”
- सपा सांसद आरके चौधरी ने कहा कि यह “मनुस्मृति मानसिकता” का परिणाम है।
- अखिलेश यादव ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया और पीड़ित की मांग
भाजपा के पूर्व सांसद कौशल किशोर ने घटना को “अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।



