बड़ी खबर: स्कूल में गणेश जी की मूर्ती लाने पर डांटा, 9वीं की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान! माँ के सामने गई..

कानपुर। शहर के ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा संस्कृति आनंद (13) ने सोमवार शाम ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। छात्रा के पिता मुकुल आनंद और मां साधना आनंद ने स्कूल की क्लास टीचर अंकिता मैम पर डांट-फटकार कर मानसिक दबाव बनाने और आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वहीं स्कूल प्रशासन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
स्कूल की डांट से मानसिक तनाव, घर लौटते समय कहा – “मैं जान दे दूंगी”
संस्कृति आनंद जवाहर नगर स्थित ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा 9 में पढ़ती थी। उसके पिता मुकुल आनंद लोडर चलाते हैं जबकि भाई अर्नव कक्षा 11 का छात्र है। मां साधना ने बताया कि सोमवार सुबह संस्कृति रोज की तरह स्कूल गई थी, लेकिन दोपहर में स्कूल से फोन आया और शिकायत की गई कि वो स्कूल में गणेश की मूर्ती ले है। जिसके बाद स्कूल ने संस्कृति की माँ को भी बुलाया और डांट लगाई गई।
साधना ने बताया:
“स्कूल में भी संस्कृति को डांट पड़ी। जब मैं घर लौट रही थी तो वह रास्ते में बहुत रो रही थी और कह रही थी – मैं जान दे दूंगी। पौने 4 बजे के करीब उसने मेरा हाथ छुड़ाकर आगे बढ़ गई। मुझे लगा वह घर आ जाएगी, लेकिन शाम 5 बजे पुलिस का फोन आया और सब खत्म हो गया।”
ट्रेन से कटकर जान दी, शव देखकर मां बेहोश
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से संस्कृति का शव दो टुकड़ों में बंट गया था। सिर और धड़ खून से लथपथ पड़े थे। यह दृश्य देखकर मां साधना बेहोश हो गईं। परिवारजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। पिता मुकुल ने रोते हुए कहा:
“ये कैसा दिन देखने को मिल रहा है? मेरी बेटी की जान उसकी टीचर ने ले ली।”
बेटी का शौक था मिट्टी की मूर्ति बनाना, उसी पर लगी डांट ने तोड़ा मनोबल
मुकुल आनंद ने बताया कि संस्कृति को मिट्टी की मूर्तियाँ बनाने का शौक था। वह गणेश जी की मूर्ति अपने दोस्तों को उपहार देने के लिए स्कूल ले गई थी। लेकिन क्लास टीचर ने डांटकर उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया।
“मेरी बेटी क्लास 3 से इसी स्कूल में पढ़ रही थी। उसे डिप्रेशन में डाल दिया गया। हम न्याय चाहते हैं,” पिता ने कहा।
परिवार का आरोप – “मेंटल टॉर्चर से टूट गई बच्ची, स्कूल प्रशासन ने मदद नहीं की”
संस्कृति के दादा राजेश कुमार सविता ने कहा कि स्कूल में बच्चों के सामने टीचर ने बहुत डांटा और मानसिक प्रताड़ना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।
“हमने पोस्टमार्टम में मदद मांगी, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। हमारी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और स्कूल के CCTV से सच सामने आना चाहिए। डीएम साहब से हम न्याय की गुहार लगाते हैं,” उन्होंने कहा।
स्कूल प्रशासन ने आरोपों को किया खारिज, कहा – “घटना दुर्भाग्यपूर्ण है”
वहीं, स्कूल की प्रबंध निदेशक डॉ. पूजा अवस्थी और प्रिंसिपल राम मिलन सिंह ने कहा कि स्कूल पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। उनका कहना है कि संस्कृति छुट्टी के बाद अपनी मां के साथ घर लौट गई थी और घटना कैसे हुई, उन्हें जानकारी नहीं है।
“यह घटना बेहद दुखद है। स्कूल प्रशासन भी इससे आहत है। मंगलवार को शोक सभा कर स्कूल की छुट्टी कर दी गई,” उन्होंने कहा।
पुलिस जांच में जुटी, परिवार न्याय की उम्मीद में
पुलिस ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। परिवार की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल के आसपास की CCTV फुटेज खंगाली जा रही है। परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।



