“सवाल यह नहीं.. कितने विमान गिरे, बल्कि.. क्यों गिरे ?” जानिए CDS के इस बयान के मायने.. क्या वाकई जेट गिरे ?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने बेहद सुनियोजित और ताकतवर ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को लंबी दूरी से निशाना बनाकर तबाह कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया में यह दावा किया गया कि भारत के कई विमान मार गिराए गए। इस पर भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और सिंगापुर में ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है।
“गिनती नहीं, कारण मायने रखता है” – CDS अनिल चौहान
जब CDS अनिल चौहान से पूछा गया कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के विमान गिरे थे, तो उन्होंने बड़ी ही रणनीतिक सोच के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा –
“असली सवाल यह नहीं है कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह है कि वे क्यों गिरे और हमने उससे क्या सीखा। हमें अपनी ‘टैक्टिकल मिस्टेक’ समझ में आई और हमने उसमें सुधार भी किया।”
उन्होंने बताया कि भारत ने दो दिन के भीतर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसके आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया और यह पूरे सैन्य अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
पाकिस्तान का दावा पूरी तरह गलत
CDS अनिल चौहान ने पाकिस्तान के उस दावे को भी पूरी तरह खारिज किया, जिसमें उन्होंने 6 भारतीय विमानों को गिराने की बात कही थी। उन्होंने कहा –
“यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद है। यहां यह देखना जरूरी है कि क्या कोई रणनीतिक चूक हुई, हमने क्या सुधार किया और अगली कार्रवाई कितनी सफल रही।”
सीडीएस ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भले ही चरम पर था, लेकिन कभी भी परमाणु हथियार के उपयोग की नौबत नहीं आई। उन्होंने इसे “राहत की बात” बताया।
डिप्लोमैसी का दौर खत्म, पाकिस्तान को जवाब सैन्य भाषा में
सिंगापुर के प्रतिष्ठित शांगरी-ला डायलॉग में शिरकत करते हुए CDS चौहान ने साफ कहा कि अब पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रिश्तों की बात पीछे छूट चुकी है। उन्होंने कहा –
“भारत अब किसी भी रणनीति के बिना कोई कार्रवाई नहीं करता। ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है कि हम कैसे सटीक और निर्णायक तरीके से दुश्मन को जवाब देते हैं।”
उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि भारत अब पहले की तरह संयम नहीं बरतेगा, और अगर सीमा पार से आतंकी हमले हुए, तो जवाब और भी कड़ा होगा।
India’s military confirmed for the first time that it lost an unspecified number of fighter jets in clashes with Pakistan in May.
Anil Chauhan, chief of defense staff of the Indian Armed Forces, spoke to Bloomberg TV on Saturday, while attending the Shangri-La Dialogue in… pic.twitter.com/9y3GW6WJfn
— Bloomberg TV (@BloombergTV) May 31, 2025
क्या मायने है इस बयान के ? क्या वाकई भारत के जेट गिरे ?
CDS अनिल चौहान के बयान से सीधे तौर पर यह स्पष्ट नहीं होता कि भारत का कोई लड़ाकू विमान गिरा है या नहीं। उन्होंने बहुत ही रणनीतिक और डिप्लोमैटिक भाषा में जवाब दिया है, जिससे कुछ बातें इशारों में समझ आती हैं:
उन्होंने साफ क्या कहा:
“असल मुद्दा यह नहीं है कि कितने जेट गिरे, बल्कि यह है कि वे क्यों गिरे और हमने क्या सीखा।”
इस लाइन में “क्यों गिरे” कहने का मतलब यह संकेत देता है कि कुछ विमान गिर सकते हैं, लेकिन CDS ने संख्या या पुष्टि नहीं की। वो बात को “टैक्टिकल मिस्टेक” और “सीख” की ओर मोड़ते हैं — यानी अगर कोई विमान गिरा भी है, तो उसे सीखने और सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
पाकिस्तान का दावा:
पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने 6 भारतीय विमान गिराए। CDS ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि “यह गिनती महत्वपूर्ण नहीं है” — यानी 6 विमानों वाला दावा झूठा है।
सरल भाषा में ये है बयान के मायने
- CDS ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि भारत का कोई विमान नहीं गिरा।
- लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के 6 विमानों वाले दावे को झूठा बताया।
- उनकी भाषा से यह संकेत जरूर मिलता है कि कुछ नुकसान हुआ हो सकता है, लेकिन वो संवेदनशील रणनीतिक कारणों से उसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।
- यह बयान पूरी तरह से रणनीतिक Damage Control और पब्लिक परसेप्शन हैंडलिंग के लिहाज से दिया गया है।



