Video: हर कोई कर रहा इस बच्ची के लिए दुआएं, बंदरों के हमले से छत से गिरी नन्ही मासूम, अबतक बेहोश!

हाथरस के सासनी इलाके में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। बंदरों के झुंड से बचने के चक्कर में 2 साल की मासूम बच्ची छत से नीचे गिर गई। बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई है और वह 10 घंटे से बेहोश है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

मामला: सासनी, चामड़ मोहल्ला, हाथरस
घटना का दिन: सोमवार सुबह 9 बजे
पीड़िता: साम्या (2 वर्ष)
इलाज: अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज


बंदरों के झुंड ने किया हमला, बच्ची के बाल नोचे

सोमवार सुबह चामड़ मोहल्ले में विकास शर्मा (35) की जुड़वा बेटियां साम्या और राम्या (दोनों 2 साल की) छत पर खेल रही थीं। तभी अचानक बंदरों का झुंड छत पर चढ़ गया। बंदरों ने बच्चियों को घेर लिया और एक बच्ची के बाल नोचने लगे। डर के मारे दोनों बच्चियां जोर-जोर से रोने लगीं।

आवाज सुनकर मां दिव्या (32) भागती हुई छत पर पहुंची और बंदरों को भगाने की कोशिश की। उसने एक बेटी राम्या को गोद में उठा लिया, लेकिन दूसरी बेटी साम्या बंदरों से बचने के लिए छत के किनारे पहुंच गई। तभी एक बंदर ने झपट्टा मारा और वह नीचे गिर गई।


मां बोलीं — “मेरे सामने गिरी मेरी बच्ची, पर बचा नहीं पाई”

मां दिव्या ने बताया, “मैं घर में काम कर रही थी तभी बच्चियों की चीख सुनी। जब पहुंची तो बंदरों ने उन्हें घेर रखा था। एक बंदर ने मेरी बेटी के बाल नोच लिए थे। मैंने किसी तरह एक बच्ची को बचा लिया। लेकिन जैसे ही दूसरी की ओर बढ़ी, बंदर ने झपट्टा मारा और वह छत से गिर गई। मैं उसे बचा नहीं पाई…”


पिता बोले — बेटी मेरे पीछे गिरी, कुछ समझ नहीं पाया

पिता विकास शर्मा ने कहा कि घर में ही उनकी दुकान है। “सुबह मैं दुकान में था, तभी बच्चियों की चीख सुनी। जैसे ही बाहर आया, बेटी मेरे ठीक पीछे छत से नीचे सड़क पर गिर गई। मैंने तुरंत उसे उठाया, लेकिन वह बेहोश थी। उसे लेकर तुरंत अस्पताल भागा।”

डॉक्टरों ने बच्ची को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां वह पिछले 10 घंटे से बेहोश है। हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।


इलाके में बंदरों का आतंक, लोगों में दहशत

स्थानीय लोगों ने बताया कि चामड़ मोहल्ले और आसपास के इलाकों में बंदरों का आतंक लंबे समय से है। कई बार लोग बंदरों के डर से छत या गली में निकलना भी छोड़ देते हैं। बंदर अक्सर बच्चों पर झपट पड़ते हैं और घरों का नुकसान करते हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।


डॉक्टरों की राय: अगले 24 घंटे बेहद अहम

अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के सिर में गहरी चोट आई है। 10 घंटे से उसे होश नहीं आया है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगले 24 घंटे बच्चे की जिंदगी के लिए बेहद अहम हैं। जब तक होश नहीं आता, कुछ भी कहना मुश्किल है।

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