दिल्ली NCR में आवारा कुत्ते ने ली महिला दरोगा की जान, रात ड्यूटी कर बुलेट से लौट रहीं थी घर, तभी अचानक..

गाजियाबाद। रविवार देर रात गाजियाबाद के कार्ट चौक पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला दरोगा रिचा सचान (25) की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब ड्यूटी से लौटते वक्त उनकी बुलेट अचानक कुत्ते से टकरा गई और वह सड़क पर गिर गईं। तभी पीछे से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल रिचा को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह हादसा न सिर्फ पुलिस महकमे के लिए बल्कि उनके परिवार के लिए भी गहरा सदमा है।

हादसा कैसे हुआ?

पुलिस के मुताबिक, रिचा सचान रविवार देर रात करीब 2 बजे कविनगर थाने की शास्त्रीनगर चौकी से अपने कमरे पर लौट रही थीं। जैसे ही वह कार्ट चौक के पास पहुंचीं, अचानक एक कुत्ता सड़क पर आ गया। बुलेट कुत्ते से टकरा गई और रिचा सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।

हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल दरोगा को सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

हेलमेट पहना था, फिर भी नहीं बच सकी जान

पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के वक्त रिचा ने हेलमेट पहना हुआ था। बाइक की स्पीड लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। अस्पताल में डॉक्टरों ने काफी कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

कौन थीं रिचा सचान?

कानपुर नगर निवासी रिचा सचान, रामबाबू सचान की बेटी थीं। रिचा ने 2023 में यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती होकर मेरठ PTS में 13 मार्च 2023 से 16 मार्च 2024 तक ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद उनकी तैनाती गाजियाबाद के कविनगर थाने की शास्त्रीनगर चौकी पर हुई थी। वह यहां अकेले रह रही थीं। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी।

अगले साल होनी थी शादी

रिचा सचान का परिवार कानपुर नगर के असधना थाना क्षेत्र के सजेती गांव में रहता है। पिता रामबाबू खेती करते हैं। उनकी मां रेखा सचान गृहणी हैं। रिचा के तीन भाई और एक बहन हैं—कपिल सचान (सिंचाई विभाग में जेई), विकास (फतेहपुर में शिक्षक), विनय (हरिद्वार में सॉफ्टवेयर इंजीनियर) और बड़ी बहन विभा की शादी हो चुकी है। परिवार के मुताबिक, रिचा की शादी अगले साल तय थी।

पिता ने बताया कि तीन दिन पहले ही बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। लेकिन रविवार रात उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली। परिवार इस सदमे को सह नहीं पा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का बयान

एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि हादसे में महिला दरोगा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और परिवार को सूचना दे दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया आवारा कुत्तों का मुद्दा

गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर गंभीर चिंता जताई है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा था कि दिल्ली-एनसीआर में हर दिन कुत्तों के काटने के सैकड़ों मामले सामने आते हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका खतरा ज्यादा है और कई बार रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियां भी फैलती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के 5 अहम आदेश

  1. 8 हफ्तों में पर्याप्त स्टाफ और सीसीटीवी के साथ डॉग शेल्टर बनाने का आदेश।

  2. 6 हफ्तों में 5,000 कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू करने का निर्देश।

  3. दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में रोजाना पकड़े गए कुत्तों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य।

  4. एक हफ्ते में डॉग बाइट और रेबीज के लिए हेल्पलाइन शुरू करने का आदेश।

  5. रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक रखने और उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश।

गाजियाबाद की यह घटना फिर से इस सवाल को खड़ा करती है कि क्या सड़कों पर बेखौफ घूम रहे आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। एक युवा और होनहार महिला दरोगा ने न केवल अपनी जान गंवाई बल्कि अपने परिवार को भी असहनीय दर्द दे गईं।

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