बड़ी खबर: 15 मिनट के मामूली ऑपरेशन में भोजपुरी स्टार की मौत, नाक की हड्डी की सर्जरी कराने गए थे, लेकिन..

लखनऊ के एक निजी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल से बड़ी खबर सामने आई है। सिर्फ 19 साल के भोजपुरी कलाकार प्रिंस यादव की नाक की हड्डी की सर्जरी के दौरान मौत हो गई। परिवार वालों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

प्रिंस यादव कौन थे?

प्रिंस यादव मूल रूप से रायबरेली जिले के गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के कुंसा दिलीप शाह खेड़ा गांव के रहने वाले थे। उन्होंने कम उम्र में ही भोजपुरी जगत में अपनी पहचान बनाई थी और अभिनय की दुनिया में सक्रिय थे। परिवार ने इलाज के लिए उन्हें लखनऊ के साउथ सिटी स्थित एक निजी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया था।

परिवार को क्या बताया गया था?

परिजनों के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा था कि नाक की हड्डी का यह ऑपरेशन बहुत छोटा और सामान्य होगा। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि ऑपरेशन में सिर्फ 15 मिनट लगेंगे और मरीज को जल्द ही छुट्टी मिल जाएगी।

ऑपरेशन थियेटर में तीन घंटे तक रखा गया

परिजनों का आरोप है कि प्रिंस को ऑपरेशन थियेटर (OT) में भेजे जाने के बाद घंटों तक कोई सूचना नहीं दी गई। जहां 15 मिनट का बताया गया ऑपरेशन था, वहीँ लगभग तीन घंटे तक डॉक्टरों ने अंदर रखा। इस दौरान परिवार ने बार-बार जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

ऑपरेशन के बाद क्या हुआ?

तीन घंटे के बाद जब परिजनों ने दबाव बनाया तो उन्हें OT के अंदर बुलाया गया। वहाँ जाकर उन्होंने देखा कि प्रिंस यादव का शव पड़ा हुआ था। परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने समय रहते सही जानकारी नहीं दी और लापरवाही के चलते यह मौत हुई।

अस्पताल में हंगामा और पुलिस तैनात

घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हो गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पीजीआई थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

पोस्टमार्टम और जांच की कार्रवाई

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को भी दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवार और स्थानीय लोगों की मांग

परिवार का कहना है कि यदि ऑपरेशन छोटा था, तो इसमें इतना लंबा समय क्यों लगा? उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और न्याय की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि ऐसे मामलों में अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि दोबारा कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे।

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