सनसनीखेज: यूपी में CO के सामने मर्डर का एलान, फिर गोलियों से भूना! पुलिस से कहा था – “खून का बदला खून होगा”

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शुक्रवार को हाईवे पर दिनदहाड़े हुई हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी। संतोषपुर गांव के रहने वाले अंकुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। खास बात यह है कि इस हत्या का ऐलान दो महीने पहले ही उसके गांव के दुश्मनों ने पुलिस अधिकारियों के सामने किया था। हत्या की इस वारदात ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दूधिया विपिन की हत्या से शुरू हुई रंजिश

घटना की जड़ें 8 जुलाई से जुड़ी हैं, जब संतोषपुर गांव के दूधिया विपिन उर्फ गोधू की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद ग्रामीणों ने शव को हाईवे पर रखकर जाम लगाया था। उस वक्त मृतक के भाइयों ने सीओ श्रेष्ठा ठाकुर के सामने ही खून का बदला खून से लेने का ऐलान किया था। परिजनों ने तब स्पष्ट कहा था कि विपिन की हत्या का जवाब अंकुर की जान लेकर दिया जाएगा।

फिल्मी स्टाइल में हाईवे पर वारदात

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी आनंद ने हत्या की योजना कई दिन पहले बना ली थी। 15 दिन पहले ही उसने गांव के युवक नित्ते से 30 हजार रुपये में सेंट्रो कार खरीदी थी। गुरुवार को आरोपी उसी कार में सवार होकर पहुंचे और हाईवे पर अंकुर की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद अंकुर जब नीचे गिरा, तभी आरोपियों ने उस पर गोलियां बरसा दीं और मौके से फरार हो गए।

हत्या से पहले लगाया व्हाट्सएप स्टेटस

घटना से ठीक कुछ घंटे पहले नामजद आरोपी विनय उर्फ बिच्छू ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा – “Miss you भाई विपिन”। इतना ही नहीं, उसने खून का बदला खून से लेने की बात भी लिखी थी। इससे साफ हो गया कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी।

सुपारी के 5 लाख रुपये से दोस्ती टूटी

जानकारी के अनुसार, चार महीने पहले दिल्ली के सचिन राठौर ने अपनी बहन के पति की हत्या कराने के लिए विपिन को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। एक लाख रुपये एडवांस भी दिए गए थे। लेकिन हत्या किसी और गैंग से करा दी गई। इसी पैसे के बंटवारे को लेकर रामबीर और विपिन के बीच विवाद हो गया और दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। यही विवाद अब खूनी रंजिश में तब्दील हो चुका है।

तीन भाइयों में सबसे छोटा था अंकुर

मृतक अंकुर अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई पहलवान रामबीर पहले से ही जेल में बंद है, जबकि दूसरा भाई मोनू ने हत्या के बाद पुलिस से परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। अंकुर एसपीआरसी से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था और उसका सपना वकालत में करियर बनाने का था।

परिजनों ने जताया हमला होने का खतरा

परिवार का आरोप है कि जेल में बंद रामबीर पर भी हमला होने का खतरा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। मोनू ने एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोपी आनंद, विनय उर्फ बिच्छू और अनमोल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है।

चश्मदीदों ने बताई घटना की दहशत

घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही कार ने अंकुर की बाइक को टक्कर मारी, लोग मदद के लिए दौड़े। लेकिन उसी वक्त कार से उतरे हमलावरों ने गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर लोग दहशत में भाग खड़े हुए। प्रत्यक्षदर्शी नीरज चौधरी के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद धमकी दी कि अगर किसी ने मुंह खोला तो उसका अंजाम भी यही होगा।

पहले भी जान लेने की हुई थी कोशिश

परिजनों ने खुलासा किया कि आठ दिन पहले भी अंकुर की बाइक को टक्कर मारने की कोशिश की गई थी। उस वक्त अंकुर बचकर निकल गया था, लेकिन इस बार बदला लेने वाले हमलावरों ने मौका नहीं छोड़ा।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

घटना के बाद अंकुर के भाई मोनू की तहरीर पर पुलिस ने आनंद, विनय उर्फ बिच्छु और अनमोल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कार भी बरामद कर ली गई है और कार बेचने वाले युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से की जा रही है।

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