बड़ी खबर: अयोध्या, हनुमानगढ़ी में संतों के बीच फायरिंग-मारपीट, प्रसिद्ध महंत पर तान दी पिस्टल.. वजह होश उड़ा देगी!

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां महंत हेमंत दास और मामा दास समेत संतों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मारपीट और फायरिंग की कोशिश तक हो गई।
इस घटना के बाद पुलिस ने पांच संतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूरा मामला अयोध्या के राम जन्मभूमि थाना क्षेत्र का है।
वाहन हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना 13 अक्टूबर की रात की है। महंत हेमंत दास अपनी स्कॉर्पियो कार हनुमानगढ़ी के पास इमलीबाग क्षेत्र में खड़ी किए हुए थे। उसी समय संत मामा दास अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर वहाँ पहुंचे और हेमंत दास से वाहन हटाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
फायरिंग की कोशिश और मारपीट का आरोप
महंत हेमंत दास ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि मामा दास और उनके साथ मौजूद अन्य संतों ने उनके चालक राजू यादव को बुरी तरह पीटा और गाली-गलौज की।
हेमंत दास का आरोप है कि मामा दास ने गुस्से में आकर अपनी पिस्तौल निकालकर फायरिंग की कोशिश की।
हालांकि सौभाग्य से कोई गोली नहीं चली और बड़ी अनहोनी टल गई। महंत ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने पांच संतों के खिलाफ FIR दर्ज की
घटना की जानकारी मिलते ही राम जन्मभूमि थाना प्रभारी अभिमन्यु शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि महंत हेमंत दास की शिकायत पर मामा दास समेत पांच संतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मेडिकल जांच कराई है और अब पूरे प्रकरण की विस्तृत विवेचना की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि “सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे घटना के हर पहलू की सच्चाई सामने आ सके।”
घटना का धार्मिक और सामाजिक असर
हनुमानगढ़ी अयोध्या का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, ऐसे में इस विवाद ने स्थानीय साधु-संत समुदाय में हलचल मचा दी है। यह घटना धार्मिक परिसर के अनुशासन और मर्यादा पर भी सवाल खड़े करती है।
पुलिस प्रशासन अब इस पूरे प्रकरण को संवेदनशीलता के साथ संभाल रहा है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।
महंत हेमंत दास पहले भी चर्चाओं में रहे
महंत हेमंत दास अयोध्या में अपने सामाजिक और धार्मिक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में वे राम मंदिर आंदोलन और संत समाज के सुधार जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं। इस विवाद के बाद एक बार फिर वे सुर्खियों में आ गए हैं।



