UP के 24 जिलों में कोरोना से मौत योगी सरकार के आंकड़ों से 43 गुना अधिक- अखिलेश

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोरोना काल के दौरान हुई मौतों (Corona Deaths) को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अखिलेश ने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि 9 महीनों में यूपी के 24 जिलों में सरकार ने जो मृत्यु के आंकड़े दिखाए हैं, वो असल आंकड़ों से कई गुना कम हैं. सरकार मृत्यु के आंकड़े नहीं अपना मुंह छिपा रही है.
अखिलेश ने ट्वीट किया है, “सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से ये भंडाफोड़ हुआ है कि 31 मार्च, 2021 तक के कोरोनाकाल में 9 महीनों में उप्र के 24 ज़िलों में मृत्यु का आंकड़ा सरकार द्वारा दिये गये आंकड़ों से 43 गुना तक अधिक है. भाजपा सरकार मृत्यु के आंकड़े नहीं दरअसल अपना मुंह छिपा रही है.”
इससे पहले अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा था कि भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश की बदहाली की इबारत लिख दी गई है. जनता त्रस्त है. कानून व्यवस्था ध्वस्त है. भविष्य की खुशहाली का झूठा दिखाने वाला भाजपा नेतृत्व भी अब समझने लगा है कि अगले विधानसभा चुनाव में उसका सत्ता से बाहर होना तय है और समाजवादी सरकार बनने वाली है. इसलिए हड़बड़ी में डबल इंजन वाले जहां लोकतंत्री व्यवस्थाओं को धता बताते हुए मुख्यमंत्री को ही बनाए रखने का राग अलाप रहे हैं. वहीं पार्टी के अंदर उनके विरोध में स्वर उभरने लगे हैं. दो जिम्मेदार मंत्रियों ने कह दिया कि चुनाव बाद केन्द्र तय करेगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा? प्रदेश की राजनीति में यह हास्यास्पद स्थिति है!
अखिलेश ने कहा कि सच तो यह है कि प्रदेश में ऐसी सरकार है जिसमें न मंत्रियों की सुनवाई है, नहीं जनता की. लोगों का विश्वास खो चुकी भाजपा अब चलते चलाते घोटालों की कमाई में लग गई है. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का मुख्यमंत्री जी का दावा खोखला साबित हुआ है. भाजपा राज में बच्चों के खाने पर डाका डाला गया है. बरेली के 49 परिषदीय विद्यालयों में सरकारी खाते से निकला भोजन छात्रों को मिला ही नहीं.



