कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

राहुल गांधी ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई पीएम मोदी को पत्र लिखकर सरकार से किया सम्मान देने का आग्रह यूपी चुनाव से पहले दलित राजनीति पर तेज हुई सियासी बहस

लखनऊ: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक Kanshi Ram को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठाई है। राहुल गांधी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। हाल के दिनों में राहुल गांधी लगातार कांशीराम के समर्थन में बयान दे रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांशीराम ने कांग्रेस के विरोध में ही बहुजन समाज पार्टी बनाई थी।

 

नेहरू होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते

राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया कि अगर भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस की तरफ से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन सकते थे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अगर कांग्रेस ने अपने समय में बेहतर काम किया होता तो कांशीराम को अलग से संघर्ष कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।गौरतलब है कि नेहरू का निधन 1964 में हो गया था, जबकि कांशीराम 1978 में पिछड़े वर्गों के लिए काम करने वाले संगठन BAMCEF की स्थापना के बाद राष्ट्रीय स्तर पर उभरे। इसके बाद उन्होंने 1984 में Bahujan Samaj Party का गठन किया, जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा प्रभाव डाला।

 

संविधान सम्मेलन में कांशीराम की तारीफ

कांशीराम की जयंती (15 मार्च) से पहले लखनऊ के Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित संविधान सम्मेलन में राहुल गांधी ने B. R. Ambedkar और कांशीराम की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांशीराम समाज में बराबरी की बात करते थे और दलित-पिछड़े वर्गों को राजनीतिक आवाज देने का काम किया। राहुल गांधी ने कहा, “अगर कांग्रेस अपना काम सही तरीके से करती तो कांशीराम जी को अलग रास्ता चुनने की जरूरत नहीं पड़ती और शायद वे कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री होते।”

 

बीजेपी पर 85 प्रतिशत आबादी की अनदेखी का आरोप

राहुल गांधी ने Bharatiya Janata Party की सरकार पर देश की 85 प्रतिशत आबादी की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन आज समाज को 15 और 85 प्रतिशत में बांट दिया गया है और फायदा केवल 15 प्रतिशत लोगों को मिल रहा है। उन्होंने Mahatma Gandhi, B. R. Ambedkar और कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से पहले दलित वोटरों को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

Related Articles

Back to top button