मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर लगी रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को राहत दी है। आचार संहिता उल्लंघन मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाई गई है। अब्बास को पहले हेट स्पीच केस में भी सजा से राहत मिल चुकी है।

प्रयागराज: मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ के पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 1 दिसंबर तय की है।
ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक
शुक्रवार को जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट कोई कार्रवाई नहीं करेगा। अब्बास ने याचिका दायर कर चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। मामला मऊ जिले के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
मंच से दी थी प्रशासन को धमकी
अब्बास पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी सभा में मऊ प्रशासन को धमकी दी थी कि चुनाव के बाद ‘हिसाब–किताब’ लिया जाएगा। बिना अनुमति भीड़ जुटाने और आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था। आरोपों में IPC की गंभीर धाराएं जैसे 506, 153A और 120B शामिल हैं।
हेट स्पीच केस में पहले भी मिली राहत
इससे पहले भी 6 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्बास को हेट स्पीच केस में राहत दी थी। 31 मई को मऊ की MP/MLA कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी।
हेट स्पीच मामला क्या था
3 मार्च 2022 को मऊ में एक रैली में अब्बास ने कहा था— “सरकार बनने के बाद छह महीने तक कोई तबादला नहीं होगा, जिसने जो किया है, उसका हिसाब देना पड़ेगा।” इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने 24 घंटे के लिए उनके प्रचार पर रोक लगाई थी।
कोर्ट की टिप्पणी और अब्बास की राजनीतिक मौजूदगी
मऊ कोर्ट ने कहा था कि लोकसेवा में भड़काऊ भाषण की कोई जगह नहीं। तीन साल में अब्बास सिर्फ दो बार विधानसभा पहुंचे— एक बार शपथ ग्रहण और दूसरी बार बुनकरों व बिजली कटौती के मुद्दे उठाने के लिए।



