आधार कार्ड नागरिकता या जन्मतिथि का सबूत नहीं, UIDAI ने जारी की नई गाइडलाइन

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या जन्म तिथि का नहीं। डाक विभाग ने भी इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। साथ ही, 1 अक्टूबर से आधार अपडेट की फीस बढ़ाई गई है।

नई दिल्ली: यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि 12 अंकों वाला आधार नंबर केवल पहचान (Identity Proof) का प्रमाण है, नागरिकता या जन्म तिथि का नहीं। कई लोग अब तक इसे नागरिकता और डेट ऑफ बर्थ का सबूत मानते रहे हैं। UIDAI ने कहा कि ऐसा करना गलत है और इसे लेकर भ्रम दूर किया जाना जरूरी है।

डाक विभाग ने भी जारी किया आदेश

UIDAI के स्पष्टीकरण के बाद डाक विभाग ने भी सभी पोस्ट ऑफिसों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान साबित करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह न तो नागरिकता, न निवास प्रमाण और न ही जन्म तिथि का अंतिम सबूत है। सभी डाकघरों को नोटिस बोर्ड पर यह जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके।

आधार अपडेट की फीस में बढ़ोतरी

UIDAI ने 1 अक्टूबर से आधार अपडेट कराने की फीस बढ़ा दी है, जो करीब पांच साल में पहली वृद्धि है। अब नाम, पता या जन्म तिथि जैसे डेमोग्राफिक अपडेट के लिए ₹50 की जगह ₹75 और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए ₹100 की जगह ₹125 देने होंगे।

नवजात शिशुओं के लिए आधार एनरोलमेंट और अपडेट निशुल्क रहेगा, जबकि बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट 5, 7 और 15-17 वर्ष की आयु में अनिवार्य है।

उद्देश्य

UIDAI का यह कदम आधार के गलत या अनुचित इस्तेमाल को रोकने और दस्तावेजों के महत्व को स्पष्ट करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Related Articles

Back to top button