लखनऊ में मंदिर के पास गलती से पेशाब करने पर दलित बुजुर्ग से पेशाब चटवाई, अखिलेश-कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरा

लखनऊ के काकोरी इलाके में दिवाली की शाम एक 60 वर्षीय दलित व्यक्ति को कथित रूप से ज़मीन चाटने पर मजबूर किया गया। आरोपी गिरफ्तार हो चुका है। घटना पर अखिलेश यादव और कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जबकि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

लखनऊ: काकोरी इलाके में सोमवार शाम करीब 7 बजे मंदिर के पास पानी पी रहे 60 वर्षीय रामपाल रावत पर पेशाब करने का आरोप लगा। आरोप है कि स्थानीय व्यक्ति स्वामीकांत उर्फ पम्मू ने उन्हें गालियां दीं और ज़मीन चाटने के लिए मजबूर किया।

रामपाल के पोते मुकेश कुमार ने बताया कि उनके दादा को सांस लेने में तकलीफ है और दवा न लेने पर उन्हें खांसी के दौरे पड़ते हैं। खांसते वक्त उनसे गलती से पेशाब हो गया, जिसके बाद आरोपी ने उन पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं और ज़मीन चाटने को कहा।

पीड़ित परिवार का बयान

मुकेश कुमार के अनुसार, उनके दादा घटना से डर गए और चुपचाप आरोपी की बात मान ली। बाद में आरोपी ने उन्हें वह जगह धोने को भी कहा। घटना की जानकारी परिवार को अगले दिन मिली, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी स्वामीकांत को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 115(2), 351(3) और 352 के साथ–साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस का कहना है कि यह जांच का विषय है कि पीड़ित को ज़मीन चाटने के लिए मजबूर किया गया या सिर्फ छूने के लिए कहा गया था।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

घटना के बाद विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला बोला।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर लिखा, “किसी की गलती के लिए उसे अमानवीय सजा नहीं दी जा सकती।”
कांग्रेस ने भी पोस्ट कर आरोप लगाया कि आरोपी RSS से जुड़ा है, हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया। कांग्रेस ने इसे “मानवता पर कलंक” बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की।

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