तेजस्वी का बड़ा दांव: 36 विधायकों के टिकट काटे, नए चेहरों पर भरोसा

राजद ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 143 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस बार पार्टी ने 36 सिटिंग विधायकों के टिकट काट दिए हैं, जबकि 41 को दोबारा मौका दिया गया है। तेज प्रताप यादव की जगह माला पुष्पम को उम्मीदवार बनाया गया है। टिकट बंटवारे में जातीय, लिंग और राजनीतिक समीकरणों का ध्यान रखा गया है।

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस बार टिकट वितरण में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने अपने 36 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया, जिससे संगठन के भीतर हलचल मच गई है। वहीं, आलोक मेहता, चंद्रशेखर, यूसुफ सलाउद्दीन और चंद्रहास चौपाल जैसे 41 विधायकों पर नेतृत्व ने फिर से भरोसा जताया है।

तेज प्रताप की सीट से माला पुष्पम उम्मीदवार

इस बार सबसे बड़ा बदलाव तेज प्रताप यादव की सीट पर हुआ है। पार्टी ने उनके स्थान पर माला पुष्पम को टिकट दिया है। वहीं, जहानाबाद से विधायक सुदय यादव को कुर्था सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। रघुनाथपुर से हरिशंकर यादव का टिकट काटकर शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को उम्मीदवार बनाया गया है।

बागी विधायकों पर गिरी गाज

राजद ने उन विधायकों को टिकट से वंचित कर दिया जिन्होंने फ्लोर टेस्ट के दौरान एनडीए का साथ दिया था। चेतन आनंद, नीलम देवी, प्रहलाद यादव, विभा देवी, संगीता देवी और प्रकाश वीर जैसे नामों को इस बार मौका नहीं मिला है।

AIMIM से आए चार में से सिर्फ एक को टिकट

AIMIM छोड़कर हाल ही में RJD में शामिल हुए चार विधायकों में से केवल जोकीहाट के शाहनवाज आलम को टिकट मिला है। बाकी तीन—कोचाधामन के मोहम्मद इज़हार अस्फी, बायसी के रुकानुद्दीन अहमद और बहादुरगंज के अंज़ार नईमी—को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

जातीय और लिंग संतुलन पर जोर

पार्टी ने इस बार सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। 143 उम्मीदवारों में 24 महिलाएं और 18 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं।

उपचुनाव की हार से सीखा सबक

रामगढ़, बेलागंज और कुढ़नी उपचुनावों में हार के बाद पार्टी ने उम्मीदवार चयन में नए प्रयोग किए हैं। तेजस्वी यादव का यह फैसला पार्टी की रणनीति को नए सिरे से परिभाषित करने वाला माना जा रहा है।

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