“जाम ने वो कर दिखाया, जो बयान न कर पाए!”, 8 BJP – 3 कोंग्रेसी विधायक आए साथ, 10-11 बजे तक चाहिए ड्रिंक!

राजस्थान में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे सुनकर राजनीतिक जानकार भी चौंक गए होंगे। आमतौर पर BJP और Congress की खींचतान हर मुद्दे पर देखने को मिलती है, लेकिन इस बार दोनों ने शराब की दुकानों के समय बढ़ाने को लेकर एकमत दिखा दिया। हाँ, आपने सही पढ़ा — वही BJP और Congress, जो हर रोज़ एक-दूसरे को राजनीति की तलवार दिखाते हैं, इस बार शराब के लिए दोस्त बन गए!
“रात 10 बजे तक चाहिए ड्रिंक” — विधायक बोले एकजुट होकर
राजस्थान विधानसभा में भाजपा के 8 और कांग्रेस के 3 विधायक (साथ ही एक पूर्व कांग्रेस विधायक) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा कि शराब की दुकानें रात 8 बजे बंद हो जाती हैं, जबकि लोग कामकाजी हैं और रात 10-11 बजे तक खुली रहनी चाहिए।
वास्तव में, अगर राजनीति में ऐसा ही एकमत और दृढ़ता हर मुद्दे पर दिखती, तो शायद देश में रोज़ाना झगड़े और विरोध प्रदर्शन कम हो जाते!
अवैध शराब से बचाव का बहाना
विधायकों का कहना है कि समय बढ़ाने से लोग मिलावटी शराब और अवैध बिक्री से बचेंगे। और तो और, राज्य सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। मतलब, जनता की सुरक्षा भी और खजाने की चिंता भी — दोनों पक्षों ने इसे मिलकर सुनिश्चित कर दिया।
पड़ोसी राज्यों को देखकर प्रेरणा
BJP और Congress ने यह भी तर्क दिया कि पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और यूपी में दुकानें रात 11:30 तक खुलती हैं, तो राजस्थान में भी ऐसा होना चाहिए।
शायद यही भारतीय राजनीति का नया मंत्र है: “जहाँ जनता, वहाँ शराब — और जहाँ विपक्ष, वहाँ भी एकमत!”
क्या कहा व्यापारियों ने?
ठेकेदारों ने भी हाथ खड़े कर दिए और कहा, “भई, समय बढ़ाओ, फायदा होगा, सरकार का राजस्व बढ़ेगा, और हमारे हाथ भी भरे रहेंगे।”
तो जाहिर है, राजनीति, जनता और व्यापार — तीनों ही इस शराब के मुद्दे पर खुश हैं।
राजनीति की सबसे बड़ी जीत?
असल में मजेदार और चौंकाने वाली बात यही है कि राजनीति के सबसे बड़े दुश्मन BJP और Congress ने मिलकर शराब के लिए राजनीति की, जबकि बाकी मुद्दों पर लड़ते-झगड़ते रहते हैं। और हाँ, इस अनोखी साझेदारी से कोई पूछे तो कह सकते हैं — “शराब ही वह चीज है, जो सबको एक कर देती है।”



