बड़ी खबर: यूपी में राहुल गांधी की CM Yogi को दो टूक, चेतावनी ? मृतक दलित का परिवार बोला – “हमारे मसीहा..”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की। हरिओम को हाल ही में भीड़ हिंसा में मारा गया था, और इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में गहरा प्रभाव डाला।
मुलाकात के दौरान हरिओम की मां फूट-फूट कर रोने लगी, जबकि उनकी बहन ने राहुल गांधी से कहा, “राहुल गांधी हमारे लिए मसीहा हैं, मिलकर अच्छा लगा।“

राहुल गांधी ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया

राहुल गांधी ने परिवार से लगभग 21 मिनट तक बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि, “क्राइम परिवार ने नहीं किया। आज मैं यहां आया हूं, क्राइम इनके ऊपर किया गया और ऐसा लग रहा कि ये अपराधी हैं। घर में बंद कर रखा है। डरा रहे हैं। हम न्याय मांग रहे हैं।“
राहुल गांधी ने राज्य सरकार से अपील की कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और उन्हें डराए नहीं जाने दिया जाए।

योगी सरकार पर आरोप: परिवार को धमकाया गया

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार परिवार को धमका रही है और उन्हें नेताओं से मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि “आज सुबह उन्हें धमकाया गया। उनसे कहा गया कि राहुल गांधी से न मिलें।” राहुल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अपील की कि “इनको न्याय दीजिए।“

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया: न्याय का आश्वासन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर संवेदना जताई और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा, “हर आंसू का हिसाब लिया जाएगा, न्याय होगा। हमारी सरकार दलितों और वंचितों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।“

यूपी में दलित वोट की जंग, राहुल की एंट्री और BJP के सिरदर्द

उत्तर प्रदेश में दलित वोट बैंक हमेशा से राजनीति का सेंटर स्टेज रहा है, और इस बार यह लड़ाई और भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) पीडीए के जरिए अपने हिस्से का दलित वोट जुटाना चाहती है, वहीं बसपा (Mayawati) भी पूरी सक्रियता से मैदान में हैं। दूसरी ओर, BJP इस वोट बैंक पर कोई कमी नहीं होने देना चाहती, और Chandrashekhar Azad भी बसपा की काट में जुटे हुए हैं।

इसी बीच राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मिलकर कांग्रेस को भी इस राजनीतिक रेस में खड़ा कर दिया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राहुल का यह कदम BJP और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सीधे सिरदर्द की तरह है। इसे सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि एक चेतावनी के तौर पर भी देखा जा सकता है — कि दलित वोटों के मामले में अब कांग्रेस भी मैदान में है, और यह राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

Related Articles

Back to top button