बड़ी खबर: ‘मोहम्मद’ साहब पर सपा नेता के बयान से हुआ बवाल, अपने लोग देने लगे गलियां.. फिर जारी किया Video!

लोकप्रिय तौर पर वायरल हुए एक टीवी डिबेट क्लिप के बाद समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने अपने बयान पर सफाई दी है। भाटी का कहना है कि उनका पूरा कथन दिखाए बिना क्लिप का छोटा हिस्सा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और उसे अलग अर्थ दे दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी महापुरुष या समुदाय का अपमान करना नहीं था और यदि उनकी बातों से किसी को ठेस पहुँची हो तो वे खेद प्रकट करते हैं।
भाटी ने कहा, संदर्भ बदल दिया गया
भाटी ने अपने बयान में शिकायत की कि टीवी बहस का केवल छोटा हिस्सा काट कर वायरल किया गया, जिससे उनके विचार का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा वाक्य-प्रकरण देखने पर यह स्पष्ट होगा कि वे समावेशी दृष्टिकोण रख रहे थे और किसी एक धर्म या महापुरुष के ख़िलाफ़ अपमानजनक राय नहीं रखे थे। उनके मुताबिक कटे हुए क्लिप ने उनके विचार का संदर्भ बदल दिया है।
‘मोहम्मद साहब को मैं मानता हूँ’
भाटी ने अपने मूल कथन की व्याख्या करते हुए कहा कि वे इस्लाम में पाए जाने वाले कुछ कुप्रथाओं या कट्टर रुख के समर्थक नहीं हैं, परन्तु मोहम्मद साहब को वे एक बड़े महापुरुष मानते हैं और उनकी शिक्षाएँ मानवता के लिये महत्त्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म में केवल अच्छाइयाँ या केवल बुराइयाँ नहीं होतीं और महापुरुषों की शिक्षाओं की बहुलता का सम्मान करना चाहिए।
भाटी ने मिली गालियों की बात कही
राजकुमार भाटी ने यह भी कहा कि क्लिप वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर बहुत कठोर प्रतिक्रियाएँ और गालियाँ मिल रहीं हैं। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे लोग भी उन्हें गालियाँ दे रहे हैं जो उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं और जिनके बारे में भाटी ने पहले सकारात्मक टिप्पणी की थी — इससे भाटी की भावनात्मक प्रतिक्रिया भी सामने आई।
BJP IT सेल पर भाटी का निशाना
भाटी ने अपने पोस्ट में एक गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में BJP के IT सेल ने नोएडा में कुछ युवकों की बैठक करवाई और निर्देश दिए कि उनका क्लिप सोशल मीडिया पर चलाकर उन्हें बदनाम किया जाए। भाटी ने इसे एक राजनीतिक साज़िश करार दिया और कहा कि यह उनके खिलाफ संगठित अभियान जैसा प्रतीत होता है।



