बड़ी खबर: राजभर की पार्टी के कार्यकर्ता के महिला सिपाही ने जड़े थप्पड़, SP ऑफिस में हुआ बवाल! देखें Viral Video..

गाजीपुर, उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में बुधवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जब सुभासपा (SBSP) के कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसी दौरान एक महिला कांस्टेबल ने कार्यकर्ता को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह घटना लोकतांत्रिक अधिकारों और पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।

ज्ञापन देने पहुंचे थे SBSP कार्यकर्ता

बुधवार को SBSP के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजभर के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा दिए गए विवादित बयान का विरोध कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने महाराजा सुहेलदेव का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग का ज्ञापन SP को सौंपना चाहा।

महिला कांस्टेबल ने कार्यकर्ता को थप्पड़ मारा

ज्ञापन सौंपने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि एक SBSP कार्यकर्ता ने महिला कांस्टेबल से अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद महिला कांस्टेबल ने कार्यकर्ता को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मार दिया। वीडियो में महिला कांस्टेबल कहती सुनाई देती हैं –
“कैसे हाथ लगाया, हाथ तोड़ दूंगी!”
इस दौरान अन्य पुलिसकर्मी और पार्टी कार्यकर्ता बीच-बचाव करते दिखाई दिए।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। वीडियो में कार्यकर्ता को थप्पड़ खाते देखा जा सकता है, जबकि कुछ लोग बीच-बचाव कर रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे। कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ज्ञापन देना नागरिक का अधिकार है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक महिला कांस्टेबल या SBSP कार्यकर्ताओं की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

लोकतांत्रिक अधिकारों और पुलिस आचरण पर सवाल

यह घटना लोकतांत्रिक अधिकारों और पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ज्ञापन देना संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है और पुलिस की जिम्मेदारी इसे सुरक्षित वातावरण में पूरा कराना है। सार्वजनिक रूप से कार्यकर्ता को थप्पड़ मारना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि नागरिकों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ भी है।

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