बड़ी खबर: यूपी में मामा ने भांजे को ‘नीले ड्रम’ में जलाया, बेटी के बनाए नहाते हुए Video, तुक्के से खुला ब्लाइंड मर्डर केस

आगरा। करीब 20 महीने तक अंधेरे में तीर चलाती रही पुलिस की तलाश सोमवार को उस वक्त पूरी हुई जब आगरा में 18 वर्षीय युवक राकेश की जली हुई लाश का राज़ खुला। पुलिस की जांच, DNA रिपोर्ट और गहन पूछताछ के बाद सामने आया कि राकेश की हत्या करने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उसका मुंह बोला मामा और ममेरा भाई थे। वजह है एक बेहद शर्मनाक मामला — नहाते वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
लापता हुआ युवक, जले शव की तलाश – पहचान मुश्किल, जांच शुरू
मलपुरा क्षेत्र निवासी लाल सिंह ने 18 फरवरी 2024 को अपने 18 वर्षीय बेटे राकेश की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच 20 फरवरी 2024 को पुलिस को मलपुरा क्षेत्र में एक जला हुआ शव मिला। शव की पहचान मुश्किल थी क्योंकि लाश पूरी तरह से जल चुकी थी। लाश की शिनाख्त करना भी बेहद मुश्किल हो रहा था। ऐसे में पुलिस ने मौके से मिले सामान के आधार पर गांव वालों से पूछताछ की। इसके बाद शक की पुष्टि हुई कि शव धौलपुर निवासी राकेश का हो सकता है। पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने शव के DNA टेस्ट का आदेश दिया।
DNA ने खोला राज़ – मां से मेल खाते ही आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच में सामने आया कि शव के अवशेष राकेश की मां से मेल खाते हैं। उधर, हत्या के बाद से ही आरोपी गांव छोड़कर दिल्ली नौकरी के लिए निकल गया था। पुलिस काफी समय तक अँधेरे में तीर चलाती रही। जिसके बाद एक रोज पुलिस को गांव में पूछताछ के दौरान पहला सुराग मिला। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि राकेश का गांव के ही देवीराम से कुछ विवाद हुआ था। पुलिस ने शक के आधार पर देवीराम को हिरासत में लिया।
पूछताछ में देवीराम पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन उसके मोबाइल से मिले ऑडियो क्लिप ने सच उजागर कर दिया। ये क्लिप राकेश के मोबाइल पर भेजी गई थीं। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो देवीराम ने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली।
ब्लैकमेल का घिनौना खेल – बेटी के नहाते वीडियो बनाकर कर रहा था धमकी
देवीराम ने पुलिस को बताया कि राकेश उसके रिश्ते के साले का बेटा है। परिवार में आने-जाने का रिश्ता था। लेकिन राकेश ने उसकी 16 साल की नाबालिग बेटी का नहाते हुए वीडियो बना लिया और उसका इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए किया।
इससे नाराज होकर देवीराम ने अपने भतीजे नित्यानंद के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। उन्होंने राकेश को बेटी से शादी कराने का झांसा देकर रात में बुलाया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या की योजना – हलवाई की दुकान में बुलाकर गला घोंटा, शव जलाया
पुलिस के अनुसार देवीराम ने राकेश को अपनी हलवाई की दुकान पर बुलाया। वहां पहले उसका मफलर और तार से गला घोंटा गया। हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में भरकर लोडर गाड़ी में रखा गया और सैंया नदी में ले जाकर पेट्रोल डालकर जलाया गया।
हत्या में इस्तेमाल मफलर, तार और राकेश के दोनों मोबाइल फोन को भी नदी में फेंक दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे।
आरोपी फरार – दिल्ली में नौकरी कर रहा था
वारदात के बाद आरोपी देवीराम ने घर छोड़ दिया और दिल्ली में नौकरी करने लगा। वहीं मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दूसरा आरोपी नित्यानंद फरार है और उसकी तलाश जारी है।
मां का दर्द – बेटे की पहचान में DNA बना सहारा
राकेश की पहचान उसके जले हुए शव से करना बेहद कठिन था। लेकिन DNA रिपोर्ट ने पुलिस को सही दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिया। माँ का कहना है कि “अब न्याय मिलने की उम्मीद है।”



