बड़ी खबर: 21 सितंबर को होने वाली Nude Party से पहले 7 गिरफ्तार, बिना कपड़ों के लड़के-लड़कियों को बुलाया

रायपुर, छत्तीसगढ़: रविवार को रायपुर में सोशल मीडिया पर ‘न्यूड पार्टी’ का पोस्टर वायरल होने के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। पोस्टर में महिलाओं और पुरुषों को बिना कपड़ों के पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया था, जिसे लेकर सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और आम जनता ने कड़ी आपत्ति जताई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पार्टी के आयोजकों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। महिला आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। आइए जानते हैं पूरी घटना विस्तार से।

वायरल पोस्टर से मचा हड़कंप

सोशल मीडिया पर ‘न्यूड पार्टी’ का पोस्टर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें 21 सितंबर को रायपुर के एक फार्महाउस में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों को बिना कपड़ों के शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था। पोस्टर में ‘Stranger House – Pool Party’ नाम से आयोजन का प्रचार किया गया। इसमें मुंबई और बेंगलुरु से कलाकारों के आने की भी जानकारी दी गई थी। जैसे ही पोस्टर वायरल हुआ, शहर में सनसनी फैल गई और इसे लेकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।

पुलिस ने कार्रवाई कर रद्द कराया आयोजन

पोस्टर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आईटी एक्ट, अश्लीलता फैलाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने आयोजन के मुख्य आयोजक संतोष जेवानी और अजय महापात्रा को गिरफ्तार किया। इसके अलावा फार्महाउस के मालिक संतोष गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमोटर अवनीश गंगवानी, डिजिटल प्रमोटर जेम्स बैक, दीपक सिंह और देवेंद्र कुमार को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आयोजन को रद्द कर दिया और फार्महाउस से संबंधित सभी गतिविधियों की जांच शुरू कर दी।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान, रिपोर्ट तलब

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए रायपुर पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल प्रमुख को दो दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और यदि किसी गिरोह का इसमें हाथ है तो उसकी पहचान की जाए। उन्होंने आयोजकों और उनके परिवार से सार्वजनिक माफी की भी मांग की है।

राजनीतिक दलों और समाज ने जताई नाराजगी

इस आयोजन के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने इसे सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। भाजपा ने भी आयोजकों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की बात कही। वहीं, विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर इसे अस्वीकार्य करार दिया। आम नागरिकों में भी इस आयोजन को लेकर रोष दिखाई दिया।

पुलिस की जांच में जुटी टीम

पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आयोजकों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस की पाँच टीमें जांच में जुटी हैं और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। फार्महाउस में हुई गतिविधियों और आयोजन से जुड़े डिजिटल प्रमोशन की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

आयोजन रद्द, लेकिन सवाल अब भी बाकी

हालांकि पुलिस ने आयोजन से पहले ही पार्टी को रद्द कर दिया, लेकिन यह घटना सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर बहस का विषय बन गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे आयोजनों के लिए राज्य में कोई स्थान नहीं है और किसी भी तरह की अश्लीलता या समाज विरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह घटना यह दिखाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किस तरह की अनुचित गतिविधियाँ प्रचारित हो सकती हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़े स्तर की घटना टल गई। अब सभी की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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