Video: SP पर भड़के CM, कहा – “कहो तो मैं ही कर लूं, आपसे नहीं हो रहा तो”, वीडियो हो रहा तेजी से वायरल

रतलाम, 12 सितंबर 2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को रतलाम जिले की सैलाना तहसील में बारिश और पीला मोजेक बीमारी से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों से बातचीत करते हुए उन्होंने फसल नुकसान की जानकारी ली और अधिकारियों को जल्द सर्वे कर मुआवजा देने के निर्देश दिए। वहीं, इस दौरान भीड़ नियंत्रण में लापरवाही देखकर मुख्यमंत्री ने रतलाम एसपी को सार्वजनिक रूप से डाँट दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

फसल प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सैलाना क्षेत्र के खेतों में पहुंचे, जहां बारिश और पीला मोजेक बीमारी के चलते फसलें प्रभावित हुई थीं। उन्होंने किसानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली और कहा कि प्रशासन जल्द ही सर्वे कर किसानों को मुआवजा देगा। निरीक्षण के दौरान उनके साथ कई कैमरामैन भी मौजूद रहे, जिससे खेत में भीड़ बढ़ गई और कामकाज प्रभावित हुआ।

भीड़ नियंत्रण में लापरवाही पर नाराज़गी

निरीक्षण के दौरान खेत में जुटी भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन की लापरवाही देखकर मुख्यमंत्री नाराज़ हो गए। उन्होंने रतलाम एसपी अमित कुमार को डाँटते हुए कहा –
“मतलब क्या रह गया एसपी साहब फिर? आप कहो तो मैं ही कर लूं। आपसे नहीं हो रहा तो छोड़ो फिर।”
यह वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में मुख्यमंत्री की नाराज़गी और अधिकारियों से सीधे सवाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि फसल नुकसान का सर्वे जल्द पूरा किया जाए और किसानों को राहत दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क रहे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को नोट किया और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

वायरल वीडियो ने प्रशासन की पोल खोली

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह घटना चर्चा का विषय बन गई। लोग मुख्यमंत्री की सख्ती की सराहना कर रहे हैं तो वहीं प्रशासन की ढील पर सवाल उठा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी प्रशासन की थी, लेकिन इसमें लापरवाही सामने आई। मुख्यमंत्री ने अपने व्यवहार से स्पष्ट कर दिया कि वे किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर अधिकारियों से जवाब मांगेंगे।

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