Video: यूपी में अधिकारी को महिलाओं ने दौड़ाया, चप्पलों से कर दी कुटाई.. वजह भी है अनोखी, देखें वायरल वीडियो..!

कानपुर के भीतरगांव ब्लॉक में मंगलवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां काली माता महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप सिंह की चप्पलों से पिटाई कर दी। महिलाओं का आरोप है कि बिना अनुमति फर्जी हस्ताक्षर करके ढाई लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, मीडिया संस्थान वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
महिलाओं का आरोप – फर्जी हस्ताक्षर से निकाले गए रुपए
साढ़ थाना क्षेत्र के खदरी गांव में काली माता महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय है। समूह की महिलाओं ने कुछ दिन पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि एडीओ आईएसबी ने फर्जी हस्ताक्षर कर ढाई लाख रुपए निकाल लिए। महिलाओं का कहना है कि यह निकासी बिना उनकी अनुमति और सहमति के की गई।
सड़क पर हुई मारपीट, वायरल हुआ वीडियो
मंगलवार शाम करीब तीन बजे महिलाओं ने एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप और उनके एक सहकर्मी को रोक लिया। इसके बाद महिलाओं ने उन्हें चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। यह घटना राहगीरों ने वीडियो में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
🚨कानपुर : एडीओ आईएसबी को महिलाओं ने पीटा🚨
🆔 समूह की महिलाओं ने चप्पलों से पीटा
📍 खदरी गांव में चल रहा स्वयं सहायता समूह
💰 ADO ने बिना अनुमति निकाली रकम- महिला
💸 बिना अनुमति समूह से निकाले ढाई लाख रुपये
📝 ADO ने थाने में मारपीट का मुकदमा कराया दर्ज
📍 साढ़ थाना क्षेत्र के… pic.twitter.com/m9SFQWKl4o— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) August 27, 2025
7 महिलाएं और परिजन नामजद
एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप सिंह ने इस घटना की शिकायत साढ़ थाने में दर्ज कराई। तहरीर में महिलाओं के नाम भूरी, खुशी, सुनीता, राजेश्वरी, बबीता, रेखा और राजकुमारी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य परिजनों और अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि एडीओ आईएसबी की तहरीर के आधार पर सात नामजद और अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं द्वारा लगाए गए ढाई लाख रुपए निकालने के आरोप की भी जांच की जा रही है।
स्वयं सहायता समूह कैसे करता है काम?
स्वयं सहायता समूह (SHG) में 5 से 10 महिलाओं का एक ग्रुप बनाया जाता है। समूह की एक महिला अध्यक्ष होती है, जो सभी की सहमति से बैंक से रुपए निकालती है। इन पैसों का इस्तेमाल अगरबत्ती, दोना-पत्तल बनाना जैसे छोटे रोजगारों में किया जाता है। बाद में बचत को समूह की महिलाओं में बांटा जाता है और बैंक से लिए गए ऋण को वापस जमा किया जाता है। यह योजना सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जाती है।
पुलिस बोली – दोनों पक्षों की जांच होगी
थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। यदि एडीओ आईएसबी पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी और यदि महिलाओं द्वारा की गई पिटाई के आरोप साबित होते हैं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



