Rahul Gandhi का भीगते हुए तिरंगा फहराना, या PM Modi का भाषण.. किसे मिले कितने Views-Likes ?

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोशल मीडिया पर एक अनोखी बहस छिड़ गई है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले से पारंपरिक भाषण था, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बारिश में भीगते हुए ध्वजारोहण का वीडियो। दोनों ही कार्यक्रम सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बने, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि लोगों ने किसे ज़्यादा पसंद किया? किसके कार्यक्रम पर ज़्यादा व्यूज़ और इम्प्रेशंस आए?
मोदी बनाम राहुल: ट्विटर पर आंकड़े
अगर ट्विटर इम्प्रेशंस की बात करें तो मुकाबला एकतरफा नज़र आया।
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राहुल गांधी: 2.32 लाख (232K)
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नरेंद्र मोदी: 23 लाख (2.3M)
यानी पीएम मोदी को राहुल गांधी की तुलना में लगभग 10 गुना ज़्यादा इम्प्रेशंस मिले।

यूट्यूब पर जनता का रुझान
यूट्यूब चैनलों पर भी तस्वीर साफ दिखी।
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राहुल गांधी का वीडियो: 1.85 लाख (185K) व्यूज़
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नरेंद्र मोदी का भाषण: 22 लाख (2.2M) व्यूज़
यहां भी प्रधानमंत्री मोदी ने भारी बढ़त बनाई।

कांग्रेस बनाम भाजपा के ऑफिशियल हैंडल्स
पार्टी स्तर पर भी आंकड़े दिलचस्प हैं।
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ट्विटर इम्प्रेशंस:
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कांग्रेस → 2.76 लाख
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भाजपा → 4.86 लाख
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यूट्यूब व्यूज़:
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कांग्रेस → 23 हजार
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भाजपा → 16 हजार
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यानी सिर्फ कांग्रेस का यूट्यूब चैनल ही भाजपा से आगे रहा, बाकी हर जगह भाजपा ने बाज़ी मारी।


वोट चोरी विवाद के बीच क्यों दिलचस्प है यह तुलना?
फ़िलहाल भाजपा और कांग्रेस के बीच ‘वोट चोरी’ का आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। इसी पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर इस तरह का सीधा “लोकप्रियता मुकाबला” और भी दिलचस्प हो जाता है।
जहाँ कांग्रेस राहुल गांधी के भीगे हुए ध्वजारोहण को “जनता के दिलों से जुड़ाव” बता रही है, वहीं भाजपा समर्थक मोदी के आंकड़ों को “ज़बरदस्त पॉपुलैरिटी” का सबूत मान रहे हैं।
आंकड़ों में मोदी भारी, लेकिन कांग्रेस को मिला एक सहारा
कुल मिलाकर, आँकड़े साफ़ कहते हैं कि मोदी का भाषण सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के ध्वजारोहण से कहीं ज़्यादा देखा और सराहा गया।
हालाँकि, कांग्रेस अपने यूट्यूब चैनल की बढ़त को बड़ी उपलब्धि बताकर इसका राजनीतिक मायने निकाल रही है।



