बड़ी खबर: EVM निकली झूठी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई पुनर्गणना, दो साल बाद पलटा नतीजा

पानीपत (हरियाणा)। हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखू ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में सुप्रीम कोर्ट (SC) के आदेश के बाद बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। EVM से डाले गए वोटों की पुनर्गणना के बाद नतीजे पूरी तरह बदल गए और मोहित कुमार को निर्वाचित सरपंच घोषित कर दिया गया। यह फैसला 2022 में हुए चुनाव नतीजों को चुनौती देने के बाद आया है।
2022 के नतीजों पर मोहित कुमार ने उठाए थे सवाल
बुआना लाखू ग्राम पंचायत का सरपंच चुनाव वर्ष 2022 में संपन्न हुआ था, जिसमें शुरुआती नतीजों में मोहित कुमार को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मोहित कुमार ने इस नतीजे को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दावा किया कि वोटों की गिनती में गड़बड़ी हुई है और EVM में दर्ज आंकड़े सही तरीके से नहीं गिने गए।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और पुनर्गणना
लंबी कानूनी कार्यवाही के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए EVM से डाले गए मतों की पुनर्गणना का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने पूरी मतगणना प्रक्रिया दोबारा कराई। इस दौरान हर एक वोट का सावधानी से मिलान किया गया ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
देश में EVM की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल
हाल के दिनों में देशभर में वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर बहस तेज है। ऐसे माहौल में बुआना लाखू चुनाव नतीजे का पलटना EVM की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, चुनाव आयोग और अदालतें समय-समय पर EVM को सुरक्षित और पारदर्शी बताती रही हैं, लेकिन इस मामले ने बहस को और हवा दे दी है।



