ED ऑफिस के बाहर क्रिकेटर ‘सुरेश रैना’ का Video क्यों हुआ Viral ? किस मामले पर हो रहा इंटेरोगेशन ?

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेटिंग ऐप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया। ईडी ने रैना को 13 अगस्त को अपने दिल्ली दफ्तर में पेश होने का समन भेजा था। बुधवार को रैना ईडी दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे घंटों पूछताछ जारी रही। यह मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स के अवैध विज्ञापन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
1xBet, FairPlay, Parimatch और Lotus365 पर ईडी की नजर
सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने हाल के महीनों में प्रतिबंधित ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी का ध्यान खास तौर पर इन प्लेटफॉर्म्स के लिए फिल्मी हस्तियों और क्रिकेटरों द्वारा किए गए विज्ञापनों पर है। ईडी का मानना है कि इन ब्रांड प्रमोशन्स के जरिए न केवल प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा मिला बल्कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन भी हुआ।
क्रिकेटर सुरेश रैना दिल्ली में ED दफ्तर पहुंचे हैं। ED ने उन्हें ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले बेटिंग एप से जुड़े मामले में पूछताछ को बुलाया है। सुरेश रैना ने इसका प्रमोशन किया था। इन ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के चक्कर में तमाम युवा बर्बाद हो रहे हैं।
vc : @capt_ivane pic.twitter.com/gxflLs2PoV— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 13, 2025
हरभजन, युवराज, सोनू सूद और उर्वशी रौतेला से भी पूछताछ
इससे पहले ईडी इसी मामले में पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह और युवराज सिंह, साथ ही फिल्म अभिनेता सोनू सूद और अभिनेत्री उर्वशी रौतेला से भी पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन विज्ञापनों और प्रमोशन्स के पीछे पैसों का लेन-देन किस तरह हुआ और क्या इसके जरिए विदेशी खातों में रकम भेजी गई।
2023 में 1xBet के ब्रांड एंबेस्डर बने थे रैना
सुरेश रैना को बेटिंग कंपनी 1xBet ने दिसंबर 2023 में अपना ब्रांड एंबेस्डर नियुक्त किया था। कंपनी ने उन्हें “रेस्पॉन्सिबल गेमिंग एंबेस्डर” का टैग दिया था और कहा था कि यह साझेदारी स्पोर्ट्स बेटिंग फैंस को जिम्मेदारी के साथ बेटिंग करने के लिए प्रेरित करेगी। हालांकि, भारत में इन प्लेटफॉर्म्स के संचालन पर रोक है और इन्हें गैरकानूनी माना जाता है।
ईडी की जांच का अगला कदम
ईडी अब रैना के बयान और दस्तावेजों का विश्लेषण करेगी। एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्या ब्रांड एंबेस्डर बनने के दौरान उन्हें विदेशी फंड्स से कोई भुगतान हुआ और क्या यह रकम मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत संदेहास्पद है। इस मामले में आगे और भी नाम सामने आने की संभावना है।



