पुलिस का शर्मनाक Video: दरोगा ने दुकानदार पर बरसाए 50 से ज्यादा डंडे, बिना FIR हिरासत में रखा

राजस्थान के झुंझुनूं जिले से पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक एएसआई द्वारा रेलवे स्टेशन के बाहर थड़ी लगाने वाले दुकानदार पर बिना किसी पूछताछ के बेरहमी से डंडे बरसाने का आरोप लगाया गया है। यह मामला 2 अगस्त की देर रात का है, जिसका वीडियो सोमवार को सार्वजनिक हुआ।
दुकानदार पर 50 से अधिक डंडों से हमला
झुंझुनूं रेलवे स्टेशन के बाहर ‘प्रणव फूड’ नाम की दुकान चलाने वाले नाहर सिंह ने बताया कि दो युवक उनके यहां मोबाइल चार्ज करने आए थे। जब 10 मिनट बाद उन्हें रोक दिया गया तो उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी को रोककर एएसआई पर झूठा मारपीट का आरोप लगा दिया। इसके बाद एएसआई ने बिना किसी जांच-पड़ताल के दुकान में घुसकर करीब 50 से ज्यादा डंडे बरसाए।
मारपीट के दौरान दुकानदार का बचाव
वीडियो में देखा जा सकता है कि नाहर सिंह खुद को बचाने के लिए स्टूल और कुर्सी का सहारा लेते हैं, जो इस बीच टूट भी जाती है। इसके बावजूद बाहर खड़ी अन्य पुलिस टीम मौन दर्शक बनी रही। दुकानदार ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनका मोबाइल और चार्जर चोरी भी हो गया।
हिरासत में रखा गया, एफआईआर दर्ज नहीं करवाई
मारपीट के बाद नाहर सिंह को जबरन पुलिस गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया गया। रात भर हिरासत में रखा गया और अगले दिन धारा 151 के तहत कार्रवाई कर छोड़ दिया गया। डर और दबाव के कारण उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं करवाई।
CCTV फुटेज और वीडियो वायरल, पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया
घटना के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो वायरल होने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ और सोशल मीडिया पर पुलिस के रवैये की कड़ी आलोचना शुरू हो गई। झुंझुनूं के एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा कि वीडियो की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के झुंझुनू में मोबाइल चार्ज करने की बात पर हुए विवाद में पुलिसवाले ने दुकानदार पर बरसाए डंडे ! #jhunjhunu pic.twitter.com/kbUbRk8YXy
— ReporteR Sahab (@ReporterSahab) August 12, 2025
पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल
यह घटना फिर से पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता में गुस्सा और असंतोष बढ़ा है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जांच निष्पक्ष और त्वरित होगी ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



