Video: रेलवे प्लेटफार्म पर सेक्स, छात्रों की अश्लील हरकतें.. प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सैकड़ों वीडियो वायरल

हाल ही में एक धार्मिक प्रवचन के दौरान, संत प्रेमानंद महाराज से एक महिला ने सवाल पूछा— “बच्चों की शादी उनके मन से करें या अपने मन से? क्योंकि दोनों में ही परिणाम अच्छे नहीं आते।” इस पर महाराज ने जवाब देते हुए कहा:

“परिणाम अच्छे आएंगे कहां से? न आज बहू अच्छी मिल रही है, न पति। लोगों के संस्कार ही अच्छे नहीं हैं। चरित्र कहां से अच्छा होगा। 100 लड़कियों-लड़कों में से सिर्फ 2-4 ही पवित्र हैं।”

महाराज के इस कथन को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर विवाद छिड़ गया। कई लोगों ने इसे जेनरेशन शेमिंग, महिलाओं और युवाओं का अपमान, और संघर्षशील समाज की वास्तविकता से कटाव बताया।

ट्रोलिंग का तूफान: सोशल मीडिया पर आलोचना की बौछार

प्रेमानंद महाराज के बयान के बाद ट्विटर (अब एक्स), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कई यूजर्स ने उन्हें ‘पुराने जमाने की सोच वाला’, ‘युवाओं का विरोधी’, और ‘महिलाओं का अपमान करने वाला’ करार दिया। कुछ ने यह भी पूछा कि “क्या हर युवा चरित्रहीन है?” और “क्या ऐसे बयान से समाज में विश्वास और रिश्तों की नींव कमजोर नहीं होगी?”

सेलेब्रिटी समर्थन: अंकिता लोखंडे और राजीव अदातिया उतरे मैदान में

हालांकि इस विवाद में प्रेमानंद महाराज को कुछ जानी-मानी हस्तियों का समर्थन भी मिला है। टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और रियलिटी शो स्टार राजीव अदातिया ने कहा कि महाराज के शब्दों को गलत तरीके से लिया जा रहा है। राजीव अदातिया ने इंस्टाग्राम पर लिखा:

“महाराज जी ने समाज की गिरती नैतिकता की तरफ इशारा किया है, जो एक सच्चाई है। इसे व्यक्तिगत तौर पर नहीं लेना चाहिए।”

बयान के पक्ष में वायरल हो रहे वीडियो: “अब बताओ कौन गलत है?”

अब सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज के समर्थन में एक नई लहर चल पड़ी है। कुछ यूजर्स ने ऐसे वीडियो पोस्ट किए हैं जो महाराज के कथन को ‘सच साबित करने’ की कोशिश करते हैं। इन वीडियो में:

  • कोचिंग सेंटर में छात्र-छात्राओं के अश्लील व्यवहार
  • रेलवे प्लेटफॉर्म पर खुलेआम ‘इंटीमेसी’
  • पार्कों में अशोभनीय हरकतें
  • रील्स में लड़कियों का अभद्र प्रदर्शन

इन वीडियो को पोस्ट कर लोग पूछ रहे हैं— “अब बताइए, महाराज जी गलत थे या वे लोग जो उन्हें गलत ठहरा रहे हैं?”

https://twitter.com/PrakashG871775/status/1952284502551580875

https://twitter.com/MrTiwaria/status/1952606742325473589

लेकिन सवाल अब भी कायम: क्या एक हिस्से से पूरे समाज को आंकना ठीक है?

यह सच है कि समाज में नैतिक गिरावट की कई घटनाएं देखी जाती हैं। लेकिन क्या कुछ वायरल वीडियो, पूरे समाज, खासकर पूरी युवा पीढ़ी को ‘चरित्रहीन’ साबित करने के लिए पर्याप्त हैं?

  • क्या हर लड़का और हर लड़की आज के समय में संस्कारहीन है?
  • क्या सामूहिक चरित्र का आकलन इस तरह के कुछ उदाहरणों से किया जाना चाहिए?

ना समर्थन, ना विरोध—सिर्फ प्रश्न

इस पूरे विवाद में दो पक्ष हैं—एक जो प्रेमानंद महाराज को सच्चाई का आईना दिखाने वाला मानता है, और दूसरा जो उन्हें युवाओं के अपमान का प्रतीक बताता है।
हमारा उद्देश्य किसी भी पक्ष को सही या गलत साबित करना नहीं, बल्कि इस मुद्दे को निष्पक्षता से सामने रखना है।

अब यह पाठकों पर है कि वे इन बयानों, वीडियो और प्रतिक्रियाओं को देखकर अपना निष्कर्ष स्वयं निकालें—“क्या संत प्रेमानंद महाराज गलत हैं, या हम समाज के पतन से मुंह मोड़ रहे हैं?”

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