PM Modi के क्षेत्र वाराणसी में ‘मजार’ ध्वस्त: वकील ने कर दिया था ‘हनुमान चालीसा’ के पाठ का एलान, फिर..

वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण और नागरिक आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर स्थित सैयद बाबा की मजार को हटा दिया है। यह मजार ट्रेड फैसिलिटी सेंटर (TFC) को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित थी और इसके कारण लंबे समय से ट्रैफिक में बाधा और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं हो रही थीं। मजार की आड़ में अतिक्रमण को भी लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
मजार हटाई गई, जमीन को किया गया समतल
लोक निर्माण विभाग (PWD) की निगरानी में सैयद बाबा की मजार को हटाने की कार्रवाई पूरी की गई और संबंधित स्थान को समतल कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह मजार अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी और आवागमन में गंभीर बाधा पैदा कर रही थी। आए दिन होने वाले सड़क हादसों और नागरिकों की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
पहले भी हुई मांग, लेकिन नहीं हुई थी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब इस मजार को हटाने की मांग उठी हो। पूर्व में भी इस मजार को हटाने को लेकर कई बार प्रदर्शन और शिकायतें हुईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। 20 जुलाई को जब प्रशासन ने लाट शाही मजार के अतिक्रमण को हटाया, तब से सैयद बाबा की मजार को लेकर भी आंदोलन तेज हो गया।
वकील ने उठाई थी आवाज, हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान
20 जुलाई को अधिवक्ता विनीत सिंह ने जिला प्रशासन को पत्र सौंपते हुए इस मजार को हटाने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि TFC से जुड़े मार्ग को प्रवासी दिवस के अवसर पर चौड़ा किया गया था, जिसके दौरान कई मंदिरों को विस्थापित किया गया लेकिन इस मजार को छोड़ दिया गया। इसी भेदभाव के विरोध में उन्होंने 25 जुलाई को हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान कर दिया।
मांगा था 10 दिन का समय, वकील को किया गया हाउस अरेस्ट
जिला प्रशासन ने मामले पर कार्रवाई के लिए 10 दिनों की मोहलत मांगी थी, लेकिन स्थानीय नागरिकों और वकील विनीत सिंह ने असहमति जताई। जब हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा हुई, तो प्रशासन ने एहतियातन सैयद बाबा की मजार पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया। इसके साथ ही विनीत सिंह को हाउस अरेस्ट भी किया गया था ताकि माहौल शांत रहे।
अब अन्य धार्मिक स्थलों पर भी कार्रवाई की तैयारी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शहर में अभी भी कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो सड़क पर बने हैं और अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन की मदद से ऐसे सभी स्थलों की सूची तैयार की जा रही है जिनकी वजह से ट्रैफिक में बाधा हो रही है। जल्द ही उन पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बीते 10 साल में कई धार्मिक स्थल हटाए गए हैं
पिछले एक दशक में वाराणसी शहर में फ्लाईओवर निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के दौरान अनेक धार्मिक स्थलों को विस्थापित किया गया है। इस क्रम में प्रशासन धर्मनिरपेक्ष और समानता की नीति पर काम करते हुए अतिक्रमण को हटाने की रणनीति बना रहा है।
विकास और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन की चुनौती
सैयद बाबा की मजार को हटाने की कार्रवाई ने वाराणसी में प्रशासन की विकास नीति और धार्मिक स्थलों पर सख्ती के बीच संतुलन की बहस को जन्म दिया है। जहां एक ओर आमजन की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए यह कदम जरूरी माना जा रहा है, वहीं धार्मिक भावनाएं भी इससे जुड़ी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन की अगली कार्रवाइयों पर सभी की नजरें टिकी हैं।



